दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया 78वां स्वतंत्रता दिवस।

रंगारंग कार्यक्रमों के मध्य छात्र एवं छात्राओं ने दी नृत्य एवं संगीत की अद्भुत प्रस्तुति।

सुरेन्द्र मिनोचा

मनेंद्रगढ़/एमसीबी – 15 अगस्त 1947 का दिन भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के सदियों के संघर्ष, बलिदान और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, इसी भावना के साथ शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में 78वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया।

कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, तत्पश्चात संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट रमेश चंद्र सिंह, निदेशक व्यंकटेश सिंह, निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह एवं प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वज के सम्मान में छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगान गाया, देशभक्ति के इसी वातावरण को अग्रेषित करते हुए कक्षा नर्सरी के नन्हें नौनिहालों द्वारा अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया गया।श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कलाम हाउस के छात्रों द्वारा गीत ,’जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया’ की सुमधुर प्रस्तुति दी गई, तत्पश्चात विद्यालय के अध्यक्ष एवं विधि के प्रसिद्ध ज्ञाता वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विद्यालय के चेयरमैन रमेश चंद्र सिंह द्वारा विद्यालय परिवार को संबोधित किया गया। अपने संबोधन में श्री सिंह द्वारा कहा गया कि हमारे देश के शहीद वीरता में निहित तत्वों जैसे शौर्य,सत्य निष्ठा, देशभक्ति के अद्वितीय उदाहरण हैं हमें कभी सत्य एवं न्याय पद से विचलित नहीं होना चाहिए, हमारे शहीदों के अमरत्व का कृतित्व सतत यशोगान का विषय रहेगा,अध्यक्ष के संबोधन के पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा मंत्र मुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति गीत “सारे जहां से अच्छा” गाकर दी गई।

विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक शिशिर अग्रवाल ने अपने संभाषण में कहा कि राष्ट्रहित में कई परिवर्तन ,विकास, समृद्धि और सम्मान लाने में प्रत्येक युवा को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, किसी भी राष्ट्र का निर्माण में सर्वाधिक योगदान युवाओं का ही होता है, कक्षा के जी 2 की छात्रा फातिमा द्वारा सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की गई, तत्पश्चात समूह नृत्य प्रतियोगिता के विजयी सदनों द्वारा नयनभिराम प्रस्तुति दी गई, इन सब के पश्चात विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर बसंत कुमार तिवारी द्वारा विद्यालय को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा गया कि स्वतंत्रता का अर्थ मनमानी की लालसा नहीं होती,अपितु राष्ट्र में साधारण मनुष्य के धैर्य, बुद्धि ,साहस एवं नीति का अवलंबन होता है,अपनी स्वतंत्रता के लिए मर मिटने वाले तो बहुत है, परंतु देश की स्वतंत्रता के लिए आत्मोसर्ग करने वाले वीर बहुत कम हुए हैं।

हमें सभी वीरों की शहादत का सम्मान करना चाहिए एवं देश को विकास के पद पर अग्रसर करना चाहिए।कक्षा दूसरी के छात्र-छात्राओं द्वारा गीत “जहां पांव में पायल” पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया, इन सभी रंगारंग कार्यक्रमों के मध्य में प्राचार्य डॉक्टर बसंत कुमार तिवारी द्वारा वरिष्ठ अंग्रेजी शिक्षक तथा पूर्व सैनिक अधिकारी अकूतो सोहे को विद्यालय के नए प्रशासनिक प्रमुख तथा वरिष्ठ समन्वयक के तौर पर नियुक्त होने की उद्घोषणा की गयी एवं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम के अंत में नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान के सम्पूर्ण पांच छंदों का गायन किया गया।अंत में वरिष्ठ अंग्रेजी शिक्षिका सुश्री दिशानी चटर्जी द्वारा विद्यालय के अध्यक्ष , निदेशक एवं प्राचार्य सहित संगीत शिक्षक नितेश पोद्दार, शिक्षिका सुश्री शिल्पा साहा, नृत्य शिक्षक ए. डी. वैष्णव एवं संपूर्ण विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन छात्र- छात्राओं को मिष्ठान वितरण के साथ किया गया।