प्रमोद दुबे
महासमुंद। परिवहन विभाग द्वारा वाहन मालिकों को अपने वाहन में वीएलडी डिवाईस लगाने के फरमान जारी करने का ट्रक यूनियन एसोसिएशन महासमुंद व श्री महावीर बजरंग मेटाडोर संघ महासमुंद ने विरोध करते हुए इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।
इस संबंध में कलेक्टर महासमुंद को यूनियन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया है। सौंपे गए ज्ञापन में यूनियन के पदाधिकारियों ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा है कि यह डिवाईस वाहन स्वामियों के लिए हानिकारक योजना है। प्रशासन द्वारा डिवाईस का मूल्य 11 हजार 7 सौ रुपाए से लेकर 13 हजार 7 सौ तक है इसके अलावा साढ़े 3 सौ रुपए इंस्टालेशन चार्ज है। यह राशि जीपीएस सिस्टम से तीन गुना अधिक है। सभी वाहनों में 2 मार्च 2018 से परिवहन विभाग द्वारा जीपीएस लागू किया गया था। बीएसएनएल में तकनीकी खराबी के कारण इसे बंद कर दिया सभी गाड़ियों में जीपीएस लगा हुआ है। सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि परिवहन आयुक्त द्वारा चुनिंदा एवं निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह फरमान जारी किया गया है।
गाड़ियों में शोरूम के द्वारा जीपीएस इनबिल्ट करके दिया जा रहा है और पुरानी गाड़ियों में वाहन स्वामी स्वयं मार्केट से लेकर जीपीएस लगा रहा है फिर ऐसे में वीएलडी डिवाईस का उद्देश्य केवल निजी लोगों को करोड़ों रुपए की लाभ पहुंचाने की है। उन्होंने चुनिंदा कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञापन में कहा है कि जिले में इसके लिए दलाल और अपने हिसाब से जीपीएस बेचकर फिटनेस और परमिट की भारी राशि वसूल किया जा रहा है। जो रेट निर्धारित किया गया है वह मार्केट में साढ़े 3 हजार से 4 हजार रुपए में आसानी से मिल जा रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि वीएलडी डिवाईस संबंधी आदेश वापस नही लिया गया तो संघ धरना प्रदर्शन एवं चक्काजाम करने बाध्य हो जाएंगा। कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपने के दौरान ट्रक यूनियन एसोसिएशन महासमुंद के अध्यक्ष जसबीर मक्कड़, श्री महावीर बजरंग मेटाडोर संघ के संरक्षक जसमीत बादल मक्कड़ समेत रंजीत मक्कड़, गुरूनाम चावला, सुरेश चंद्राकर, चंद्रकांत चंद्राकर, रणवीर ढिल्लो, लक्की उपवेजा, विक्की गुरूदत्ता, रिती गुरूदत्ता, संतोष सिन्हा, निहाल गुरूदत्ता आदि मौजूद थे।
