चोरों को पकडा, फिर छोडा, नहीं की कार्यवाही।
सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी। आपने अक्सर सुना होगा कि रात को ताले टूटते हैं और सुबह पुलिस चोरों की तलाश में अपना माथा पच्ची करती रहती है, चोरों को पकड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे भी अपनाए जाते है। लेंकिन ऐसा कम ही सुना गया होगा कि चोर को पकड़ने के बाद पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से भागते हुए चोर को छोड़ देती है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जाता है कि खाकी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति कितनी गंभीर है। दरअसल यह पूरा मामला केल्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत का है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वनपरिक्षेत्र केल्हारी के मौहरी गांव में वन विभाग द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से लगवाए गए खम्भे और फेसिंग तार को चोरों ने चोरी कर लिया, चोरी की सूचना केल्हारी के डिप्टी रेंजर ने लिखित में थाना केल्हारी में दी। पुलिस ने तत्परता दिखाई और मौके पर पहुंची, जहां पुलिस और वनविभाग की टीम ने चोरों का पता भी लगा लिया, खम्भे और फेसिंग तार भी चोरों के पास से मिल गए। चोरों को पुलिस पकड़ कर थाने लाई। लेकिन दुर्भाग्य ही कहना होगा चोरों को पुलिस ने छोड़ दिया और कोई एफआईआर भी नहीं लिखी गई।
“चौकीदार ने बताई पूरी सच्चाई”

वहीं इस गंभीर मामले पर वनपरिक्षेत्र के मौहरी गांव के चौकीदार ने बताया कि लगभग 17-18 दिन पहले यही बरटोला के 3 चोरों ने 35-40 खम्भे और फेसिंग तार चोरी कर लिया था, फिर केल्हारी वनपरिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर , बीट गार्ड और केल्हारी थाना से पुलिस आईं थीं, चोरों को पकड़ कर पुलिस थाना ले गई थी, फिर पता नहीं क्या हुआ, आगे उन्होंने बताया कि चोरों को बोला गया है कि खम्भे वापस लगा दो और जो खम्भे खराब है उनकी जगह लकड़ी के खम्भे लगाकर फेसिंग तार पहले जैसा लगा दो। चौकीदार की बातों से स्पष्ट हो गया चोरों को पुलिस और वनविभाग ने पकड़ लिया था और चोरों से समझौता कर लिया गया। केल्हारी थाना क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं होती रहती है। यही कारण है चोरों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं, जिन्हें इस पर अंकुश लगाना चाहिए, वही समझौता कर चोरों को सह दे रहे है।आम जनता में ऐसे अफसरों के खिलाफ गुस्सा है, लेकिन विभाग के उच्च अधिकारियों की मेहरबानी से ऐसे अफसरों की मौज है।
केल्हारी पुलिस और वनविभाग केल्हारी की मिली भगत से छूटे चोर?

सूत्रों के अनुसार डिप्टी रेंजर का कहना है कि मैंने तो लिखित शिकायत थाना केल्हारी में दिया है, उन्होंने कार्यवाही नहीं की तो क्या बोल सकता हूं।वहीं केल्हारी थाना में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक के अनुसार वनविभाग और चोर लोग आपस में समझौता कर लिए तो दोहरी कार्यवाही कैसे करें ,ज्यादा जानकारी थाना प्रभारी ही बता पाएंगे।
अब बडा सवाल यही है क्या केल्हारी पुलिस थाने में चोरों से समझौता कराने का काम करतीं हैं या फिर वनविभाग केल्हारी ने चोरों से समझौता कर लिया? इन सभी बातों से स्पष्ट पता चलता है कि पुलिस और वनविभाग दोनों की मिली भगत से चोरों को छोड़ दिया गया।
“उच्च अधिकारियों को सूचना देने के बाद अभी तक कोई कड़ी कार्यवाही नहीं”
सूत्रों की माने तो उपरोक्त मामले के संबंध में संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है,परंतु
पूरे मामले की सूचना देने के बाद भी अभी तक संबंधित विभाग ने ऐसे भ्रष्ट और कारनामेबाजों पर कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की है। यह उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। देखना यह है कि कोई कार्यवाही होगी या यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
