शहर के आत्मानंद स्कूल में शिक्षक और भवन की कमी से पढ़ाई प्रभावित।

शिक्षक और स्कूल की मांग पूरी नहीं होने पर पालकों ने दिया आंदोलन की चेतावनी।

पालकों का प्रतिनिधिमंडल राजिम विधायक रोहित साहू, एसडीम राजिम, बीईओ फिंगेश्वर और स्कूल के प्राचार्य को दिया आवेदन।

राजिम :- शहर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जब से खुला हुआ है तब से लेकर शिक्षकों की कमी से जूझ रही है जो आज तक पूरी नहीं हो पाई है। हालांकि पिछले वर्ष 3 फरवरी को शाला के वार्षिक उत्सव में स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षकों की कमी तथा अंग्रेजी माध्यम के अलग से शाला भवन बनाने की मांग पर आश्वासन देते हुए अगले शिक्षा सत्र से पूर्ण होने की बात कही थी। नई शिक्षा सत्र लगे हुए 13 दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक न टीचर मिला और न भवन बनकर तैयार हुआ। अपने बच्चों की पढ़ाई से चिंतित पालकगण एकजुट होकर विधानसभा के विधायक रोहित साहू, एसडीएम राजिम, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी फिंगेश्वर, स्कूल के प्राचार्य को लिखित में हस्ताक्षर युक्त आवेदन प्रस्तुत करते हुए गंभीरता से विचार कर कर पूर्ण करने की मांग की है तथा चेतावनी दी है कि उक्त मांग पर 15 दिवस के अंतर्गत कार्यवाही नहीं हो पाने की स्थिति में पालकों के द्वारा स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी जिनकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। बताना होगा कि पालकों ने अपने आवेदन में चार कंडिका के माध्यम से अपनी बात रखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय राजिम में शुरू हुए यह तीसरा वर्ष है। पालक समिति ने शुरू से ही हिंदी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल को अलग-अलग भवन में संचालित करने हेतु कलेक्टर गरियाबंद, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री अग्रवाल जी एवं राजिम विधायक रोहित साहू के समक्ष आवेदन पूर्व में देते हुए आ रहे हैं जिस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के द्वारा इस सत्र 2024 – 25 में भवन अलग करवाने का आश्वासन दिया गया था जिसमें दोनों माध्यमों के बच्चों की पढ़ाई हेतु अधिक समय मिल पाएगा। वर्तमान स्कूल दो पालियों में संचालित हो रहा है जिसमें दोनों माध्यमों के बच्चों की पढ़ाई एवं अतिरिक्त गतिविधियों को संचालित करने हेतु समय का अभाव होता है। अतः अंग्रेजी माध्यम स्कूल को अलग भवन दिया जाए। उन्होंने दूसरी कंडिका में अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पूर्ण शिक्षक नहीं है सरकारी गाइडलाइन के अनुसार शिक्षकों की कमी है जिससे पढ़ाई पूर्ण रूपेण नहीं हो पा रही है लिखा है। तीसरे क्रम पर इस स्कूल में हिंदी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के अलावा ओपन स्कूल एवं मिडिल स्कूल भी संचालित होती है। कोई भी शासकीय कार्य के लिए इसी स्कूल को चयन कर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जिससे पढ़ाई बाधित एवं बंद रहता है। इन्होंने चौथी और अंतिम लाइनों में लिखा है कि 2 वर्षों से अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री के द्वारा 3 फरवरी को शाला के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में विधायक एवं जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद के समक्ष मंच से आश्वासन दिया गया था कि शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के पूर्व शिक्षकों की कमी पूर्ण किया जाएगा परंतु खेद का विषय है कि शिक्षकों की कमी आज पर्यंत तक बना हुआ है। पालकों के प्रतिनिधि मंडल में शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष शिवराज देवांगन, मनीष दुबे, बलवंत शिंदे, महेंद्र कश्यप, विनय तिवारी, युवराज साहू, ओमप्रकाश, कुलेश्वर साहू, मंजू साहू, गायत्री साहू इत्यादि उपस्थित थे इन्होंने बताया कि विधायक ने बहुत जल्द शिक्षकों की व्यवस्था और स्कूल भवन की मांग को भी पूरी करवाता हूं करके कहा है।