सहारा पीड़ित जमाकर्ता व कार्यकर्ता कल्याण संघ का प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिले।

प्रमोद दुबे

महासमुंद – राजधानी रायपुर में चार जुलाई को मुख्यमंत्री जनदर्शन में सहारा पीड़ित जमाकर्ता व कार्यकर्ता कल्याण संघ के प्रदेश प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह राजपूत व प्रदेश प्रवक्ता पंकज सोनी के नेतृत्व में मुलाकात की। इस दौरान सीएम से आग्रह किया कि प्रदेश के 25 लाख से अधिक सहारा पीड़ितों को करीब 22 हजार करोड़ रुपये का भुगतान वर्षों से नहीं मिला है। निवेश की गई रकम दिलाई जाए। जनदर्शन में रायपुर, महासमुंद, सरायपाली, बागबाहरा, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, जनांदगांव, धमतरी, मुंगेली, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बालोद, बिकापुर, सिमगा,बलौदाबाजर, रायगढ़, भाटापारा, जांजगीर चांपा, कोरचा, जशपुर मुख्यमंत्री के गांव बगिया सहित कांकर, चारामा व गुण्डरदेही से सैकड़ों ने पोर्टल में व्याप्त अनियमितताओं की शिकायत व निरंतर भुगतान में विलंब होने की जानकारी दी। सीएम ने जल्द कार्रवाई करने की बात कही है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि शासन-प्रशासन व पूर्ववर्ती सरकार का भी ध्यान प्रदेश संगठन आकृष्ट कराता रहा है। सहारा रिफंड पोर्टल में विगत वर्ष जुलाई 2023 में प्रदेश के 25 लाख परिवारों ने आवेदन किया है। जमाकर्ता को सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 45 दिनों में भुगतान दिलाने की बात की थी, लेकिन 11 महीने बीतने के बाद भी निवेशकों के खातों में पैसा नहीं आया। सभी जमाकर्ताओं को पोर्टल में आवेदन करने पर गंभीर विसंगतियों, डिफिसिएंसी, कमियों निवेशकों के रजिस्ट्रेशन में दिखाई जा रही है। सीएम से मांग की गई है कि कुछ निवेशकों के साथ यह कमियां आए ये लाजिमी है, लेकिन 95 प्रतिशत निवेशकों को आज तक आवेदन व दस्तावेजों में कमियां बताकर भुगतान सीआरसीएस नईदिल्ली द्वारा नहीं किया जा रहा है। प्रदेश के सभी स्थानीय साहारा इंडिया के कार्यालय खोलकर ही संपूर्ण भुगतान कराने का अनुरोध किया गया है। साथ ही बर्तमान में पोर्टल में डेथ मैच्योरिटी का कोई विकल्प नहीं है। जिससे वर्षों से भुगतान की मांग कर रहे जमाकर्ता आवेदन से बंचित हो गए। इसके लिए पोर्टल में उनके नामिनी को अधिकार दिया जाए कि ये आवेदन कर सके।