पुलिस की अपील का माओवादियों पर व्यापक असर।
हिंसा की राह छोड़कर लोकतंत्र और सविंधान में जताया विश्वास।
आत्मसमर्पित माओवादी मलांगेर एरिया कमेटी में थे सक्रिय।
आत्मसमर्पित दोनों माओवादी नक्सली बंद के दौरान रोड खोदना, नक्सली बैनर, पोस्टर लगाने में थे शामिल।
दन्तेवाड़ा – जिला दन्तेवाड़ा में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी0 (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक दन्तेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक (परि0) सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज विकास कठेरिया (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा गौरव राय (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा रामकुमार बर्मन (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आईये) नक्सल उन्मूलन अभियान तथा छ0ग0 शासन की ‘‘पुनर्वास नीति’’ के तहत विगत कुछ माह में जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के द्वारा भटके हुए माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए लगातार संपर्क एवं संवाद किया जा रहा है साथ ही प्रशासन की नक्सल पुनर्वास नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार गॉव-गॉव तक किया जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप यह बदलाव माओवादी कैडर में दिखाई दे रहा है और बड़ी संख्या में माओवादी कैडर का आत्मसमर्पण देखने को मिल रहा है। नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सलवाद की ओर भटके युवा अब समाज के मुख्यधारा में जुड़ने का संकल्प करके मलांगेर एरिया कमेटी के प्रतिबंधित संगठन में क्रमषः
1. ककाड़ी पंचायत डीएकेएमएस अध्यक्ष उमेश उर्फ भीमा हेमला (कश्यप) पिता आप्पू कश्यप उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी ककाड़ी स्कूलपारा थाना अरनपुर जिला दन्तेवाड़ा, (एक लाख ईनामी)
2. गोण्डेरास पंचायत मिलिशिया प्लाटून सदस्य जोगा मुचाकी पिता स्व0 हड़मा मुचाकी उम्र लगभग 27 वर्ष जाति मुरिया निवासी गोण्डेरास पेरमापारा थाना फुलबगडी जिला सुकमा ने दिनांक 15.06.2024 को पुलिस उप महानिरीक्षक दन्तेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप (भा.पु.से.), पुलिस उप महानिरीक्षक (परि0) सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा रेंज विकास कठेरिया (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा गौरव राय (भा.पु.से.), कमाण्डेन्ट 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ नीरज यादव, कमाण्डेन्ट 231वीं वाहिनी सीआरपीएफ सुनिल भंवर, द्वितीय कमान अधिकारी अश्वनी परमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा श्री रामकुमार बर्मन (रा.पु.से.) के समक्ष डीआरजी कार्यालय दन्तेवाड़ा में आत्मसमर्पण किये।
उपरोक्त माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में सीआरपीएफ 111वीं वाहिनी, 231वीं वाहिनी, सीएएफ कैंप पोटाली, सीएएफ कैंप नहाड़ी एवं थाना अरनपुर का विशेष योगदान रहा। जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ सभी भटके हुए माओवादियों से अपील करती है कि हिंसा की धारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए निकटतम थाना अथवा कैंप में सम्पर्क करें और क्षेत्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे। पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुनर्वास योजना के तहत् 25-25 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले सभी प्रकार के लाभ प्रदाय कराया जायेगा। लोन वर्राटू अभियान के तहत् अब तक 181 ईनामी माओवादी सहित कुल 822 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।
