पतंजलि योग साधकों ने मनाई भगवान महावीर की जयंती
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़/एमसीबी :- जैन धर्म के 24 तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर , जैन धर्म के वरिष्ठ अनुयायी एवं पतंजलि योग समिति से जुड़े योग साधक अशोक कुमार जैन ने भगवान महावीर के त्याग ,तपस्या एवं विश्व को दिए गए उनके उपदेशों “जियो और जीने दो ” पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन पतंजलि योग समिति एवं महिला योग समिति के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम में पतंजलि योग समिति जिला एमसीबी के प्रमुख योग साधक एवं साधिकाएं उपस्थित हुए । एमसीबी जिला इकाई पतंजलि योग समिति के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने जैन धर्म के 24 तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म उत्सव , भगवान महावीर स्वामी के सांसारिक मोह माया के त्याग ,कठोर तपस्या एवं जैन तीर्थं स्थलों की विस्तृत चर्चा की । श्री उपाध्याय ने बतलाया कि ईसा से 599 वर्ष पहले वैशाली गणतंत्र के छत्रीय कुंडलपुर में एक बालक का जन्म हुआ ।बचपन में इनका नाम वर्धमान था, बाद में ये स्वामी महावीर बने। महावीर स्वामी को अति वीर और सन्मति भी कहा जाता है। श्री उपाध्याय ने भगवान महावीर को अहिंसा का मूर्तिमान प्रतीक बताते हुए उनके जीवन त्याग और तपस्या की चर्चा की। उपस्थित योग साधकों एवं वक्ताओं के द्वारा इस अवसर पर भगवान महावीर के अहिंसा ,सत्य अपरिग्रह ,अस्तेय ,ब्रह्मचर्य के सिद्धांतों और उनके दिए गए उपदेशों की व्याख्या की गई।। पतंजलि योग समिति की ओर से जिला प्रभारी बलबीर कौर, lरिया वाधवानी, अनिता दास गुप्ता, कविता मंगतानी ,पिंकी सलूजा, सुखविंदर सिंह,जैन धर्म के प्रमुख अनुयायी एवं पतंजलि योग समिति के योग साधक अशोक जैन , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक नेत्र अधिकारी आर डी दीवान, परमानंद सिंह, , छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स के युवा योग प्रशिक्षक विवेक कुमार तिवारी ,राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक ने किया।
