सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ/एमसीबी :- मनुष्यों को प्यास लगती है तो वह तत्काल पानी से अपनी प्यास बुझा लेता है, लेकिन मूक पशु पक्षियों को गर्मियों में प्यास से तड़पना पड़ता है। कई बार पानी के अभाव में उनकी मौत भी हो जाती है । मूक पशु जब भी प्यासे होते हैं ,तो घरों के सामने दरवाजे पर आकर खड़े हो जाते हैं।इस गर्मी में पशु पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। उक्ताशय की अपील, पिछले तीन दशकों से पर्यावरण एवं पशु पक्षी के संरक्षण के लिए कार्यरत राष्ट्रीय हरित वाहिनी के जिला संयोजक एवं वरिष्ठ पर्यावरणविद सतीश उपाध्याय ने की है।
उन्होंने कहा कि गर्मियों में कई परिंदों और पशुओं की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोग अगर थोड़ा सा प्रयास करें तो वे घरों के आसपास उड़ने वाले परिंदों की प्यास बुझाकर उनकी जिंदगी को बचा सकते हैं। परिंदों को प्रकृति का अनमोल धरोहर एवं पर्यावरण में सहभागी बताते हुए श्री उपाध्याय ने कहा कि लोग अपने-अपने घरों की छतों ,आंगन की छांव में सकोरों में पानी रखकर मासूम परिंदों की जान बचा सकते हैं, ताकि गर्मियों में भी घरों के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे।उन्होंने कहा कि वर्तमान टेंपरेचर 45 डिग्री सेल्सियस है, आने वाले समय में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। गर्मी के साथ-साथ सभी प्राणियों को पानी की आवश्यकता होती है, मनुष्य तो पानी का संग्रहण कर रख लेता है, लेकिन परिंदे और पशुओं को तपती गर्मी में यहां वहां पानी के लिए भटकना पड़ता है।गर्मियों में पक्षियों के लिए भोजन की कमी भी हो जाती है,उन्होंने आम नागरिकों से यह अपील की है कि गर्मी में तापमान को देखते हुए मूक पशु पक्षियों के लिए पानी अवश्य रखें। पानी की व्यवस्था छायादार जगह पर करते हुए ,पक्षियों के लिए चना, चावल, ज्वार, गेहूं आदि जो भी घर में उपलब्ध हो पक्षियों के दाना चुगने हेतू भी रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप तेज होता जा रहा है। उन्होंने मिट्टी के सकोरे का उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि प्लास्टिक और स्टील के बर्तन में पानी बहुत गर्म हो जाता है। अतः मिट्टी के बर्तन का ही उपयोग किया जाए तो ज्यादा अच्छा है। पशु पक्षी प्रेमी एवं पर्यावरणविद् उपाध्याय ने अंचल के समस्त लोगों से अपील की है कि इन गर्मियों से लड़ने में पक्षियों की मदद करें।आपके छोटे से प्रयास से पशु पक्षियों को जीवन दान मिल सकता है।उन्होंने कहा कि -पंक्षियो की चहचहाहट मन को प्रफुल्लित कर देती है।इस गर्मी में पक्षियों को दाना पानी देकर आप वातावरण को,आपके आंगन को खुशियों से भर सकते हैं।उन्होंने अपनी अपील इन पंक्तियों के माध्यम से व्यक्त की –
प्यासे को तुम, पानी देकर
चेहरे की मुस्कान पढ़ो
पुण्य इसी को बतलाया है
गीता और कुरान पढ़ो।
