बस्तर में सद्भावी वातावरण बनाने के लिए योग प्राण संस्था की उत्कृष्ट पहल शुरू – योगाचार्य उपाध्याय ।

सुरेन्द्र मिनोचा

मनेंद्रगढ़/एमसीबी :– बस्तर में नक्सली हमला न हो, वहां अमन चैन एवं सद्भाव का वातावरण रहे इसके लिए योग प्राण संस्था के 50 योग साधकों ने पहली बार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा के लिए अपना योग अनुष्ठान का अभूतपूर्व प्रयोग किया है।उक्ताशय की जानकारी पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योगाचार्य सतीश उपाध्याय ने दी।उन्होंने बताया कि तमिलनाडु की पृथ्वी शांति मेडिटेशन संस्था ने छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार योग प्राणायाम एवं ध्यान के माध्यम से बस्तर में शांति की उल्लेखनीय पहल की है, संस्था के बस्तर जाकर मेडिटेशन , योग करने का उद्देश्य यही है कि जब एक जगह पर बहुत से लोग ध्यान करते हैं तो वातावरण में इसका पॉजिटिव असर दिखने लगता है।व्यक्ति के विचार सात्विक हो जाते हैं। यह प्रयोग यदि सफल होता है तो निकट भविष्य में वे स्वयं बस्तर जाकर अपनी सेवा देना चाहेंगे। बस्तर के अशांत माहौल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाली तमिलनाडु की संस्था योग प्राण विद्या की पूरी टीम में 50 योग साधकों द्वारा पृथ्वी में शांति की कामना के साथ सामूहिक महा प्रार्थना कर रहे हैं। विगत दिनों तमिलनाडु ,बेंगलुरु ,नागपुर उज्जैन ,जयपुर दिल्ली सहित दूसरे शहरों से भी टीम बस्तर पहुंची है और नक्सल प्रभावित इलाके में योग प्राण विद्या के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है।पतंजलि योग समिति से जुड़े योगाचार्य उपाध्याय ने आशा व्यक्त की है कि संपूर्ण बस्तर क्षेत्र में नई ऊर्जा एवं आशा का संचार होगा और शीघ्र ही बस्तर के हालात सुधरेंगे। उन्होंने विष्णु देव सरकार के नक्सलियों के आत्मसमर्पण नीति एवं बस्तर के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस रणनीति के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नक्सलियों से सकारात्मक वार्ता की पहल की गई है,वह बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने के लिए अभूतपूर्ण कदम है।नक्सली क्षेत्रों में जाकर योग करने का उद्देश्य यही है कि नक्सली भी हिंसा का रास्ता छोड़कर सही रास्ते में वापस आए, जिससे बस्तर के निवासी शतिपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें।,उन्होंने बताया कि देश में जहां भी प्राकृतिक आपदा, संकट, बीमारी या अपराध, अपराधीकरण गतिविधियों में बढ़ोतरी होती है वहां योग प्राण संस्था जाकर सकारात्मक ऊर्जा के जरिए सद्भाव का वातावरण तैयार करती है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि योग के जरिए समस्त जगत में खुशी, उल्लास एवं सद्भाव का वातावरण निर्मित किया जा सकता है। योग प्राण संस्था इसी क्षेत्र में सकारात्मक पहल कर रही है, आने वाले समय में इसका अच्छा प्रतिसाद बस्तर क्षेत्र में देखने को मिलेगा।