उत्कृष्ट विवेचना करने वाले सहायक उप निरीक्षक का बढ़ाया मनोबल, पुलिस अधीक्षक कोरिया ने किया नगद ईनाम से पुरस्कृत।

लूट के, आरोपियों को न्यायालय ने 05-05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से किया दण्डित।

सुरेन्द्र मिनोचा
बैकुंठपुर/कोरिया :- लूट करने वाले 2 आरोपियों को जहां एक ओर न्यायालय ने 05-05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दण्डित किया है,तो वहीं दूसरी ओर इस मामले की उत्कृष्ट विवेचना करने पर पुलिस अधीक्षक कोरिया सूरज सिंह परिहार ने सहायक उप निरीक्षक बालकृष्ण राजवाड़े को नगद ईनाम से पुरस्कृत किया है। उपरोक्त संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार गदबदी निवासी प्रार्थी विनोद कुमार पिता जगत सिंह ने थाना बैकुंठपुर में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 25.05.2023 को वह बैकुण्ठपुर से रात करीब 08:30 बजे अपनी मोटर सायकल से अपने घर ग्राम गदबदी जा रहा था।जिससे रास्ते में ग्राम सलका के पास एक व्यक्ति तथा कुछ आगे जाने पर दूसरे व्यक्ति ने लिफ्ट मांगी और लिफ्ट देने के बाद सलका बाजार के आगे सुनसान जगह में दोनों लिफ्ट लेने वाले व्यक्तियों ने उससे जबरन गाड़ी को रोकवाकर मारपीट की तथा मोबाईल एवं मोटर सायकल को लूट कर भाग गये।
प्रार्थी की उक्त लिखित रिपोर्ट पर दिनांक 26.05.2023 को थाना बैकुण्ठपुर में अपराध क्रमांक 133/2023 धारा 394, 34 भादवि. को सउनि. बालकृष्ण राजवाड़े द्वारा पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। विवेचना के दौरान दिनांक 31.05.2023 को आरोपीगण संजय जीवन कुजूर तथा निलेश कुमार नाहर उर्फ बिट्टू को कोरिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लूटी गई मोटर सायकल एवं मोबाईल फोन को जप्त कर आरोपीगण को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया था।
दिनांक 22.08.2023 को विवेचक स.उ.नि. बालकृष्ण राजवाड़े द्वारा न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था।जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बैकुण्ठपुर जिला कोरिया द्वारा दिनांक 13.03.2024 को उक्त प्रकरण प्रमाणित पाते हुए आरोपीगण संजय जीवन कुजूर तथा निलेश कुमार नाहर को 5 – 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000-1,000 रूपये का अर्थदण्ड का दण्डादेश पारित किया गया है।
प्रकरण की संपूर्ण विवेचना स.उ.नि. बालकृष्ण राजवाड़े द्वारा की गई है।पुलिस अधीक्षक ने स.उ.नि. बालकृष्ण रजवाड़े का मनोबल बढ़ाते हुए उनके उत्साहवर्धन हेतु उन्हें नगद ईनाम से पुरस्कृत किया है।
गौरतलब है कि इसके पूर्व में भी दिनांक 23 फ़रवरी 2024 को एक के बाद एक लगातार चार मामलों का निराकरण करने वाले कोरिया पुलिस के अधिकारियों कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने उनका मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें नगद ईनाम से पुरस्कृत किया था।