विष्णु देव साय सरकार की दूरदर्शिता एवं कुशल रणनीति के कारण, छत्तीसगढ़ की बनेगी राष्ट्रीय पहचान:सतीश उपाध्याय।
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ/एमसीबी :- विष्णु देव साय के मुख्यमंत्री बनते ही, दूरदर्शिता एवं लगन के साथ राज्य सरकार के द्वारा लिए जा रहे निर्णय और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर आई हुई सरकारी योजनाओं की सभी लोग मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं।
आगामी 5 वर्ष के कार्यकाल में बीता हुआ 2 माह को लेकर अभी बहुत कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी । लेकिन यह बात तो तय है कि -जब से विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश का नेतृत्व शुरू किया है, राज्य में अमन चैन एवं सुशासन के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ के लिए नासूर बन नक्सलियों के सफाई के लिए उनके ही क्षेत्र में घुसपैठ से फिलहाल नक्सली वारदात में बढ़ोतरी हुई है लेकिन यह उसी प्रकार से प्रतीत हो रहा है जैसे एक दिया बुझने से पहले तेज प्रकाश फेंकता है।
छत्तीसगढ़ शासन अपनी नई एवं धरातल से जुड़ी हुई व्यवहारिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है ।हर वर्ग की खुशहाली के लिए निरंतर जनकल्याणकारी योजनाएं सामने आ रही हैं।
चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी ने नारा दिया था-” सबका साथ; सबका विकास ;सबका विश्वास “एवं अब इस नारे में -“सब का प्रयास -“जोड़कर , सबके जनकल्याण के लक्ष्य को निर्धारित करके राज्य शासन निरंतर छत्तीसगढ़ की करोड़ो जनता के लिए, उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए संकल्पित हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 24- 25 का जो बजट दिया उस बजट से भी राज्य में समावेशी विकास को बढ़ावा मिल रहा है।राज्य शासन की रणनीति को सफल मानते हुए राजनीतिक विश्लेषक भी कह रहें हैं कि सरकार के नीतिगत निर्णय ,काफी दूरदर्शी एवं आगामी मिशन को पूर्ण करने वाले होते हैं।
अभी तक राज्य शासन की कार्यशैली को देखते हुए कहा जा सकता है कि- निष्ठावान प्रशासन एवं पारदर्शिता के साथ छत्तीसगढ़ शासन काम कर रही है।
मंत्रिमंडल के सभी सदस्य अपने-अपने विभाग के मंत्री -गण अपनी कार्यक्षमता के अनुरूप सक्रिय एवं सजग दिखाई दे रहे हैं।यही कारण है कि पूरे मंत्रिमंडल के प्रति लोगों का विश्वास निरंतर बढ़ता जा रहा है।
प्रदेश में आने वाले समय में और जनहितकारी नीतियां आएंगी ,लोगों को राहत देने एवं प्रदेश के विकास के लिए काम होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार शपथ लेते ही चुन -चुन कर अपने घोषणा पत्र में दिए गए वादों को पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। भविष्य में जनता के मन में और अमिट छाप छोड़ेगी ।घोषणा पत्र में दिए गए अपनी घोषणा के अनुसार घोषणाओं को पूरा करने में भले इसके लिए राज्य शासन को भारी भरकम कर्ज भी लेना पड़ा है ।18 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पक्के आवास देने की घोषणा देखने में जितनी सहज एवं सरल लगती है उतनी ही पेचीदा खर्चीली एवं लंबी अवधि वाली है ।इससे जुड़े अफसर कर्मचारी पूर्ववर्ती सरकार के समय टोटल अंगड़ाई लेते हुए समय बिता दिए ,अब जब उनको सक्रिय होकर निष्ठा पूर्वक कार्य करना पड़ रहा है, तब उन्हें समझ में आ रहा है कि अब इस सरकार में कमीशन खोरी ,भ्रष्टाचार की गुंजाइश बहुत कम है। प्रदेश में कृषक उन्नति योजना ,धान खरीदी ,पीएससी भर्ती घोटाला की जांच,, युवा बेरोजगारों को रोजगार के लिए अवसर देना ,शासकीय सेवाओं में भर्ती हेतु अधिकतम आयु सीमा की छूट अवधि बढ़ाना ,आदि कुछ ऐसे सरकार के निर्णय सामने आए जिससे विपक्षी पार्टी भी धीरे-धीरे डिप्रेशन में जाने लगी एवं कांग्रेस पार्टी के पांव की जमीन खिसकती दिखाई दे रही है।
अभी छत्तीसगढ़ शासन की” जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान” के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए जो अभियान चलाया जा रहा है उससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र में बसे हुए बैगा ,कंवर, पहाड़ी कोरबा ,बिरहोर ,अबूझमाडिया जैसी पिछड़ी जनजातियों तक योजनाओं का उजाला पहुंचने लग गया है।पीएम जन योजना के तहत घर-घर नल से पानी पहुंचाना, संपर्क सड़क, मोबाइल टावर की स्थापना, कौशल प्रशिक्षण आदि कुछ ऐसे प्रदेश सरकार के कार्य हैं, जिन्होंने दूरदर्शिता के साथ शुरू किया है ।इसका जल्द ही परिणाम भी सामने आ सकेगा।
शुद्ध पेयजल के लिए वित्तीय वर्ष 24 -25 में प्रदेश के 50 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल सुलभ कराने की योजना है। जिसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान भी किया गया है ।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन किसानों को वार्षिक सहायता राशि देने की भी विशेष पहल की गई है।
गरीब भूमिहीनों को आश्रय देने एवं मातृशक्ति का सम्मान की भी बहुत सी योजनाओं के तहत महिला सशक्तिकरण एवं दुर्गम क्षेत्रों तक योजनाओं के विकास , विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए तेजी से काम हो रहा है। जिस प्रकार से केंद्र में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक के विकसित भारत का मिशन तय किया है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि छत्तीसगढ़ शासन भी मोदी जी के द्वारा दिए गए इस लक्ष्य को पाने के लिए आने वाले समय में निसंदेह सफल होगी।
