नाबालिग सौतेली बेटी का दैहिक शोषण, अपराधी को हुई 20 साल की कैद।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद :- नाबालिग सौतेली बेटी का दैहिक शोषण करने वाले अपराधी को 20 साल की सजा सुनाई गई है। यह सजा विशेष न्यायाधीश योगिता विनय वासनिक ने वार्ड 8 नयापारा निवासी (28) शहबाज खान को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 6 के तहत सुनाई है। 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी तरह भादंवि की धारा 506 भाग दो के तहत एक साल की कैद और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर एक माह का कारावास भुगतना होगा। सजाएं साथ-साथ चलेंगी। महिला ने महासमुंद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति का तीन साल पूर्व देहांत हो गया है। उसकी ओर से एक 15 वर्षीय बेटी है। जन्म के बाद से ही वह पति से अलग रही है। शहबाज खान ने शिकायतकर्ता महिला से लगभग 8 साल पहले प्रेम विवाह कर पत्नी बनाकर रखा। शहबाज खान से उसे 4 साल की बेटी है। मई 2023 में महिला की पीड़ित पुत्री ने बताया कि शहबाज खान ने उसे जबरदस्ती शराब पिलाकर शारीरिक संबंध बनाया। जब वे रिपोर्ट करने आ रहे थे तो उन लोगों को डरा-धमकाकर घर से बाहर निकाल दिया और 27 जुलाई 2023 को दोपहर में आरोपी ने फिर उसकी बेटी से संबंध बनाया। 1 मई 2023 से 27 जुलाई 2023 के बीच कई बार संबंध बनाए। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद मामला कोर्ट को सौंपा था। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजन सलीम कुरैशी ने इस पूरे मामले की पैरवी की है।

लेनदेन की बात पर महिला ने की मारपीट
बलौदा थाना अंतर्गत लेनदेन की बात को लेकर मारपीट करने वाली एक महिला के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है। पुलिस को गेर्रा बलौदा निवासी संजू सरवंश (35) ने बताया कि पुराने लेनदेन को लेकर उसके साथ गेर्रा निवासी पालावती ने चौक के पास गाली-गलौज करते हुए लोहे के धारदार हथियार से चोट पहुंचाया और जान से मारने की धमकी दी। मामले में मारपीट करने वाली आरोपी के खिलाफ धारा 294, 323, 506 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।