जिले में धडल्ले से हो रही शराब की अवैध बिक्री।

महासमुंद :- बागबाहरा के ग्राम सुनसानिया की महिलाओं ने कार्रवाई कर खोल कर रख दी। महिलाओं द्वारा की गई कार्रवाई जिले के आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की सक्रियता पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है ।जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सुनसुनिया में आकांक्षा महिला समूह व जय बजरंग महिला समूह के सदस्यों ने गांव में 8 अलग-अलग घरों में छापा मार कर कच्ची शराब महुआ, शराब जब्ती की कार्रवाई की महिला समूह के सदस्यों ने बताएं कि गांव में अवैध महुआ शराब से गांव का माहौल खराब हो रहा था। बच्चे भी शराब की लत में जा रहे थे। गांव में आए दिन लड़ाई झगड़े का माहौल बना रहता था ।शनिवार सुबह महिला समितियां के साथ गांव की महिलाएं एकत्रित हुई और घरों पर छापा मार कार्रवाई की इस दौरान आठ घरों से महुआ बनाने के बर्तन महुआ को जप्त घटना की सूचना पुलिस को दी पुलिस मौके पर पहुंच आगे की कार्रवाई की शहर में शराब की अवैध बिक्री का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा। जहां मुख्यालय की शराब दुकान में शराब खरीदने गए मदिरा प्रेमियों को दुकान की बजे दुकान के बाहर ही अवैध कारोबार करने वालों से अधिक कीमत देकर शराब खरीदनी पड़ती है ।यह शहर में आम बात हो गई है। बावजूद विभाग इसे लेकर भी अनभिज्ञता जाहिर करें यह बात किसी को भी नहीं पच पाएगी।

जिला मुख्यालय में ही जगह-जगह पर शराब की अवैध बिक्री का कारोबार करने वाले आबकारी और पुलिस विभाग के नाक के नीचे धडल्ले से कारोबार को अंजाम दे रहे हैं ।हास्यास्पद बात तो यह है कि आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन के अवसर जानकारी का न होने की बात कह रहे हैं। पर सवाल तो यह है कि जिले में शराब के अवैध कारोबार की जानकारी दोनों ही भाग को नहीं होना समझ से परे हैं।

विधानसभा चुनाव के लिए 9 अक्टूबर को प्रदेश भर में चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई। इसके बाद प्रशासन एक्शन के मूड में आ गया ।और अवैध कारोबार पर कार्रवाई शुरू हो गई ।पर जिले में अवैध कारोबार करने वालों पर इसका असर कुछ दिन ही देखने को मिला और स्थिति रुढांक के तीन पार्टनर के कहावत की होकर रह गई ।आज भी आचार संहिता लागू है ।पर अवैध कारोबार जारी है।

अवैध कारोबार पर कार्रवाई के लिए पुलिस और आबकारी विभाग ने सूचना तंत्र के रूप में मुखबिर रखे हैं ।जो उन्हें समय पर जानकारी देते रहते हैं। जिस पर अफसर कार्रवाई करते हैं ।पर मुख्यालय के हृदय स्थान में धड़ल्ले से शराब की अवैध हो रही है। कुछ शराब का अवैध कारोबार करने वाले मदिरा प्रेमियों के लिए बकायदा बैठने के साथ पानी और गिलास की निशुल्क सुविधा भी उपलब्ध कर रहे हैं ।ताकि उनके ग्राहक इधर-उधर जाने के बजाय उनके पास ही आए। जिनसे उनका कारोबार यूं ही चलता रहे। और धन की वर्षा होती रहे।