
सुरेन्द्र मिनोचा:
एमसीबी :- मनेन्द्रगढ़ समेत आसपास के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में देवउठनी एकादशी का व्रत धूमधाम से मनाया गया। नगर के प्रमुख मंदिर श्री राम मंदिर में सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ इकट्ठा होने लगी। इस दौरान महिलाओं ने धूमधाम से भगवान श्री कृष्ण और तुलसी के विवाह का कार्यक्रम संपन्न करवाया।हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। इस साल देवउठनी एकादशी का पर्व 23 नवंबर को मनाया गया है।देवउठनी एकादशी को देव प्रबोधिनी एकादशी या देव उत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।पंडित रामचरित द्विवेदी ने बताया कि इस दिन जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु अपनी चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं,इसलिए इस दिन इनकी विषेश पूजा की जाती है। यह एकादशी भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए बेहद उत्तम मानी जाती है।इस दिन जो भी भक्त भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ के अलावा कुछ विशेष उपाय करता है,उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।साथ ही धन लाभ के भी योग बनने लगते हैं।
