जिल्लत की जिंदगी जीने को मजबूर कमार जनजाति l 

मुड़ागांव (कोरासी) :- कहने को तो विशेष पिछड़ी कमार जनजाति राष्ट्रपति दत्तक पुत्र के नाम से जाने जाते हैं विडंबना की बात है आरक्षित विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोगों तक आज भी योजनाएं नहीं पहुंच पा रही है। जिले के छुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत तौरेगा के दीवान गांव जहां कमारपारा में आजादी के 76 वर्ष बाद भी गरीबी नजर आने लगे 80% दिव्यांग सुखराम ने बताया बचपन से ही जिंदगी तकलीफों से बिताते आ रहा हूं गरीबी  के चलते सीने में पत्थर लिए बचपन से ही मुश्किलों का सामना करते आ रहा हूं अब पारिवारिक जीवन में भी अपने परिवार चलाना काफी मुश्किल होता नजर आ रहा है क्योंकि मेरी पत्नी मंगली बाई अकेली काम कर हम पांच परिवार का जीवन और घर चला रही है क्योंकि मैं दिव्यांग हूं काम करने में असमर्थ हूं मेरी बड़ी बेटी गणेश्वरी पढ़ाई करने स्कूल तो जाती है लेकिन जब अपने लिए शिक्षा की कुछ सामग्री लेने मेरे को कहती है उस वक्त दिल को दर्द होता है क्योंकि घर में पैसे ढूंढता हूं तो पैसे भी नहीं मिल पाता वैसे ही एक बेटा रामगुलला और छोटी बेटी सोनकुमारी दोनों कभी-कभी खिलौने खजानी लेने बोलते हैं लेकिन उस वक्त भी मेरे पास पैसे नहीं होते और निराशजनक मुझे महसूस होता है दुख होता है कि अपने बच्चों की खुशियों के लिए मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं हमारे घर में जमीन भी नहीं हम लोगों को कोई रोजगार भी नहीं मिल पा रहा है अपने बच्चों के भविष्य को कैसे बदले ऊपर से घर की हालत आज भी खराब है सरकार ने हम लोगों को पक्का मकान नहीं दिया बच्चों को जंगली जानवरों सर्प बिच्छू का डर हमेशा बना रहता है कुछ दिन पहले मुझे एक बैटरी ट्राईसाईकिल मिला लेकिन मिलने के बाद सोचा कहीं आने-जाने में मुझे आसानी होगी लेकिन साइकिल भी खराब निकला जिसे बनवाने के लिए मेरे पास पैसे भी नहीं वही घर में मंगली बाई ने भी बताया चावल ही मिल पा रहा है लेकिन चावल को खाने के लिए सब्जी की जरूरत भी होती है सब्जियों के रेट भी काफी आसमान छूने लगे अकेला बनी मजदूरी कर अपने पांच परिवार को संभाल पाना कठिन होता जा रहा है मेरे पति का भी पेंशन बहुत ही कम है हमारे जैसे गरीब परिवार को पेंशन अधिक देनी चाहिए जिससे कुछ राहत मिल पाता लेकिन ऐसा नहीं है। विशेष पिछड़ी कमार जनजाति गरीब परिवार का बुरा हाल देख तत्काल मदद दिलाने इंडियन रेड क्रॉस संरक्षक सदस्य व समाजसेवी मनोज पटेल रोशन देवांगन ने प्रशासन से अपील किया।