कशमकश की स्थिति में फंसे भरतपुर-सोनहत विधानसभा के मतदाता।

सुरेन्द्र मिनोचा
मनेन्द्रगढ़. :- प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिये दोनों प्रमुख पार्टियां अपना दमखम दिखा रही है। प्रत्याशी भी अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी गुलाब कमरो के सामने भाजपा द्वारा वर्तमान केन्द्रीय मंत्री तथा सरगुजा सांसद रेणुका सिंह को मैदान में उतारा गया है,मगर रेणुका के प्रति स्थानीय मतदाताओं का रूझान कुछ स्पष्ट संकेत नहीं दे रहा है।
भरतपुर सोनहत विधानसभा अंतर्गत ग्राम मिलनपथरा, बौरीडांड़ के ग्रामीणों से जब उनके गांव में हुए विकास कार्य और दोनों पार्टी के प्रत्याशियों के बारे में पूछा गया तो अधिकांश ग्रामीणों ने विकास कार्य को बहुत अच्छा तो नहीं मगर ठीक-ठाक बताया।वहीं भाजपा प्रत्याशी रेणुका सिंह के नाम पर अनभिज्ञता जताई।कुछ ग्रामीण जो केन्द्रीय मंत्री के नाम से परिचित हैं उन्होनें तो भाजपा प्रत्याशी को बाहरी बताकर विरोध जताया।ग्रामीणों का कहना है कि “जिसको हम नहीं जानते उसको कैसे वोट दें? देखते हैं वोट के दिन ही पता चलेगा।’’
रेणुका सिंह को भले ही पार्टी ने विधानसभा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतार दिया है,मगर सूत्रों की मानें तो भाजपा के भीतरखाने में स्थानीय नेताओं के बीच अब तक उनके नाम पर सहमति नहीं बन पायी है तथा खुद भाजपा नेता ही उनके विरोध में होने की बात दबी जुबान में स्वीकार कर रहे हैं।वहीं कांग्रेस प्रत्याशी गुलाब कमरो को लेकर भी ग्रामीणों का कोई सकारात्मक रवैया नहीं है।ऐसे में अब उनके सामने किंकर्तव्यविमूढ़म (क्या करें क्या न करें) वाली स्थिति उत्पन्न हो गयी है।ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वर्तमान में दोनें प्रत्याशियों में से कोई भी मजबूत स्थिति ने नहीं दिखाई पड़ रहा है, जिससे वे कोई अपेक्षा रख सकें। मगर कोई तीसरा विकल्प न होने की स्थिति में उन्हें किसी एक को तो चुनना ही पड़ेगा।ग्रामीणों की प्रतिक्रिया से तो यही कहा जा सकता है कि इस क्षेत्र में दोनों प्रत्याशियों की राह आसान नहीं होगी तथा जीत किसी की भी हो, वोट का अंतर ज्यादा नहीं रहने वाला है।