
बीजापुर :- नाम निर्देशन पत्र दाखिले के अंतिम दिन बीजापुर सीट से भाजपा उम्मीदवार महेश गागड़ा ने अपना नामंकन दाखिल किया। इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। जबकि एक दिन पहले कांग्रेस से उम्मीदवार विधायक विक्रम मंडावी ने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामंकन भरा था। नामंकन दाखिले के बाद महेश नया बस स्टेण्ड पहुंचे , जहां सभा की शक्ल में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते विधायक और कांग्रेस सरकार के पांच साल की खामियां और भाजपा के पंद्रह साल की खूबियों को गिनाया।
गागड़ा ने क्षेत्रीय विधायक विक्रम पर तानाशाही का आरोप लगाया। अपने भाषण में उन्होंने कहाकि कांग्रेस के पांच वर्षों के कार्यकाल में ना सिर्फ भ्रष्टाचार सिर चढ़कर बोला बल्कि तानाशाही पूरी तरह हावी रही। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता की स्वतंत्रता का हनन हुआ। पंचायतों से उनका अधिकार छीना गया। कर्मचारियों को डीए के हक से वंचित रखा गया। पुलिसकर्मियों की मांगें जस की तस रह गई। अफसर-कर्मियों में डर और भय का माहौल पैदा कर स्वतंत्र काम करने से रोका गया। आस्था के नाम पर गांवों में देवगुड़ियों का निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। गांव-गांव बोर खनन की तस्वीरें वायरल हुई, जो हीककत से परे निकली। तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका मेहनताना नहीं मिला।
यह सब कुछ कांग्रेस के इन पांच वर्षों के कार्यकाल में हुआ। वोट देकर अब बीजापुर की जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है।
पांच साल में यहां की जनता ने जो सहा, जैसा दुख भोगा, जनता अब पांच बनाम पंद्रह साल का आंकलन खुद कर रही हैं। जब भाजपा की सरकार रहते बीजापुर में नेशनल हाईवे का विस्तार हुआ। जिला चिकित्सालय का उन्नयन, विशेषज्ञ चिकित्सक, खेल अकादमी के अलावा पंचायतों को उनका स्वामित्व, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका मेहनताना मिला।
गागड़ा ने कहा कि जनता देख और समझ रही, बदलाव की बयार बह रही है, जनता परिवर्तन चाहती है, 7 नवंबर को मतदान के बाद बीजापुर विधानसभा सीट पर कमल खिलते एक बार फिर बीजापुर में विकास का पहिया तेजी से घूमेगा। तानाशाही, डर-भय के माहौल से जिला मुक्त होगा, अफसर-कर्मियों, पंचायतों को काम करने का स्वतंत्रत अधिकार होगा, हर तबके तक विकास हर हाल में पहुंचेगा।
