
बालोद :- रायपुर के हसौद में दो सगी बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार और ४ सितंबर को राजधानी रायपुर में ही शिक्षिका के साथ गैंगरेप दोनो ही घटनाएं ये सोचने पर मजबूर कर देती हैं की क्या छत्तीसगढ़ में महिलाएं सुरक्षित है ? ऐसी घटनाएं भूपेश बघेल के राज में हो रही हैं, क्यूंकि लोगों में डर रहा हो नही, भूपेश तो हमारा चाचा है, भूपेश तो हमारा ताऊ है। Dr मोना टुवानी, महामंत्री महिला मोर्चा बालोद का कहना है कि ये घोर निंदनीय अपराध है जिसका फैसला तुरंत हो और गुंहेगरों को सजा मिले या फांसी पे लटकाया जाए। जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है तब से ऐसी घटनाएं हो रही है जिसके बारे में सोचने से मन आहत जो जाता है। सुकमा की घटना फिर रायपुर के ही दो केस।
