हमारे शिक्षक – बाल कविता

हमारे शिक्षक – बाल कविता

हम बच्चों के प्यारे शिक्षक।

ज्यों आँखों के तारे शिक्षक।

हाथपकड़कर हमें सिखाते।

सचमुच तारणहारे शिक्षक।

डाँट-डपट, अनुशासन रखकर।

पालक बन पुचकारे शिक्षक।

ज्ञान ज्योति से तमस मिटाते।

भरे हृदय उजियारे शिक्षक।

भेद बताकर सही-गलत का।

निशदिन हमें सँवारे शिक्षक।

समाधान संशय का करके।

गढ़ते भाग्य सितारे शिक्षक।

शुभचिंतक, शिक्षित, मृदुभाषी।

ऐसे ‘अमित’ हमारे शिक्षक।~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

सर्जक- कन्हैया साहू ‘अमित’

शिक्षक- भाटापारा छत्तीसगढ़

चलभाष- 9200252055