
बिप्लब कुण्डू
पखांजुर :- प्राचार्य रघुनाथ साहू व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के वालंटियर संजय वस्त्रकरब्याख्याता के मार्गदर्शन में जूनियर रेडक्रॉस सोसायटी के गतिविधियों के तहत 12 अगस्त शनिवार को लकड़ी के बत्ते के सहयोग से विद्यालय के अस्थायी मुख्य द्वार जो सिर्फ टीन का था उसमें लकड़ी के बत्ते लगाकर मजबुती बनाने संबंधी गतिविधि, विद्यालय में फलदार व औषधि युक्त पौधे का रोपण जैसे गतिविधि का संचालन किया गया।इंडियन रेडक्रॉस के कार्यक्रमों को चार मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है: मानवीय सिद्धांतों और मूल्यों को बढ़ावा देना आपदा प्रतिक्रिया,आपदा तैयारियां और समुदाय में स्वास्थ्य और देखभाल।इनमे से मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देता है,जो अन्य मनुष्यों के प्रति सम्मान और समस्याओं का समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा को प्रोत्साहित करता है।

इसी उद्देश्य को लेकर अस्थायी मुख्यद्वार का निर्माण,पौधारोपण जो प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पेड़-पौधे लगाने की सीख देता है। पेड़-पौधों के माध्यम से प्रकृति सभी प्राणियों पर अनंत उपकार करती है। पेड़-पौधे हमें छाया प्रदान करते हैं। फल-फूलों की प्राप्ति भी हमें पेड़-पौधों से ही होती है। पेड़-पौधों से हमें ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है, जो हमें जीवित रखने के लिए बहुत आवश्यक होने के कारण जूनियर रेडक्रॉस गतिविधियों के तहत समुदाय के सहयोग से व जुनियर रेडक्रॉस वालिंटियर के द्वारा गढ्ढे खोदना, जैविक खाद के मिश्रण करने के बाद उम्दा किस्म का अमरूद,बीज रहित नींबू,मोरेंगा,करौंदा,पत्थरचट्टा एलोवेरा,मंडूकपर्णी,पुदीना आदि के पौधे रोपे गये।उक्त अस्थायी निर्माण कार्य व पौधरोपण मे विद्यालय के शिक्षक सबल सिंह दीवान,उदेराम भुआर्य, बृजेश कुमार साहू,विनोद कुमार साहू व विद्यालय के जूनियर इंडियन रेडक्रॉस वॉलिंटियरों,इको क्लब के सदस्य का साथ सहयोग प्राप्त हुआ ।
