दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवि डी के जैन मित्तल “वाह भाई वाह फेम” को किया गया सम्मानित।

दिल्ली :- कलम बोलती है साहित्य संस्था द्वारा आयोजित प्रथम “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” भगत चंद्र चिकित्सालय महावीर एन्कलेव, पालम कॉलोनी नयी दिल्ली में संपन्न हुआ। जिसमें देश के प्रसिद्ध सुप्रसिध्द कवि – कवयित्रियों को आमंत्रित किया था। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय प्रमोद कुमार चौहान जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप भगत चन्द्रा हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. सी.एम.भगत जी और विशेष सहयोगी के रूप में राजेंद्र वैष्णव जी उपस्थित थे। कार्यक्रम का विधिवत संचालन हास्य कवि सुमित मानधना गौरव एवं डॉ पुनीता कुमारी ने बड़े ही शानदार तरीके से किया। संचालन के दौरान सुमित जी ने अपने हास्य व्यंग्य और डॉ. पुनीता ने काव्य पंक्तियों द्वारा श्रोताओं को कार्यक्रम से बाँधे रखा। इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों में चर्चित चेहरे के रूप में वाह भाई वाह टीवी फेम सुप्रसिद्ध कवि डी. के. जैन मित्तल जी कामां को संचालक जी के द्वारा काव्यपाठ के लिए सबसे अंत में आमंत्रित किया गया तो उन्होंने अपनी प्रेम रस की कविताओं से पूरा माहौल प्रेम में डुबोकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया।

अन्य आमंत्रित कवियों में डॉ अवधेश तिवारी भावुक जी ने अपनी शानदार रचनाओं से कवि सम्मेलन को और भी शानदार बना दिया। कवयित्री रश्मि रावत (गाजियाबाद) ने अपनी ओज की कविताओं से कवि सम्मेलन को ऊर्जा प्रदान की, कवि कृष्ण कुमार दुबे जी (कोलकाता) ने भूख और गरीबी पर आधारित अपनी रचना से समाज के सामने अपने मन की पीड़ा रखी। कवि रवेन्द्र पाल सिंह रसिक जी (मथुरा) ने वात्सल्य से परिपूर्ण रचनाओं से आनंदित कर दिया। कवयित्री अल्का बलूनी. पंत जी (दिल्ली) ने तो श्रोताओं को शादी के लड्डू खिला कर आयोजन में मिठास भर दी। कवि राजेंद्र कुमार वर्मा जी (कोटा) ने नेता पर आधारित व्यंग रचना से कवि सम्मेलन का समा बाँधे रखा। कवयित्री उषा शर्मा (दिल्ली) ने अपनी रचना द्वारा एक बेटी के मन की पीड़ा को उजागर किया। हास्य कवि सुमित मानधना गौरव जी ने अपनी हास्य व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को प्रफुल्लित कर दिया। इसके बाद कवि डी के जैन मित्तल के भाई जे के जैन जो फरीदाबाद से आए थे उन्होंने बेटियों और पर्यावरण पर रचनाएं सुनाई जो श्रोताओं द्वारा सराही गई। इस कवि सम्मेलन को सुनने और कवि डी के जैन मित्तल से मिलने उनके प्रशंसक श्योनाथ सिंह 150 किमी दूर अमरोहा उत्तरप्रदेश से और एक और प्रशंसक टी के पांडे जी जो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं वो दिल्ली से आए। कवि सम्मेलन के पश्चात डी के जैन मित्तल से आकर मिले और बताया कि आपकी कविताएं पहले टीवी पर सुनी थी आज लाइव सुनी हैं। उनकी कविताओं को सराहा और कवि डी के जैन मित्तल के साथ सेल्फी ली। कलम बोलती है साहित्य संस्था की संस्थापिका  उमा वैष्णव ने आगे बताया कि आगामी समय में भी साहित्य के क्षेत्र में इस तरह के कार्यक्रम करते रहेंगे। इस आयोजन में कवि सम्मेलन के साथ साथ पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम भी किया गया। हमारे संस्था की प्रथम साँझा संकलन “कलम बोलती है” और उनके द्वारा लिखित श्री राम जी के जीवन पर आधारित “दोहा – रामायण” का विमोचन भी किया गया। इसके अतिरिक्त संस्था के तीन अन्य पदाधिकारी डॉ.कन्हैयालाल गुप्त की पुस्तक “मेरी श्रेष्ठ कविताएँ” और रश्मि रावत जी की पुस्तक “भोर सुनहरी” और प्रमोद कुमार चौहान जी की “दर्द के घरौंदे” का भी विमोचन किया गया। बड़े हर्ष की बात तो ये है कि इस आयोजन में संस्था की कार्यकर्ता रश्मि रावत जी के 9 वर्षीय पुत्र ओमांश रावत द्वारा अंग्रेजी में लिखित पुस्तक” दि वियर्ड वर्ल्ड” का भी विमोचन किया गया। उन्होंने ये भी बताया कि आयोजन में सम्मान समारोह भी किया गया जिसमें कार्यक्रम अध्यक्ष आदरणीय प्रमोद कुमार चौहान जी को और आयोजन के मुख्य अतिथि डॉ. सी एम भगत जी को शॉल और ट्रॉफी से सम्मान और स्वागत किया गया। साथ ही आमंत्रित सभी कवि – कवयित्रियों को शॉल, ट्रॉफी, सम्मान-पत्र, और मान देय राशि दे कर सम्मानित किया गया। उपस्थित कार्यकारिणी के सदस्यो में डॉ. सुनील शर्मा, और डॉ. कन्हैयालाल गुप्त जी को शॉल, ट्रॉफी और सम्मान-पत्र से सम्मानित किया गया। इस के अतरिक्त आयोजन के अन्य कार्यो में विशेष सहयोगी प्रियांशु शर्मा जी को भी उनके विशेष सहयोग के साल, ट्रॉफी और सम्मान-पत्र द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने आयोजन में आए समस्त श्रोताओ और मित्रों का आभार व्यक्त किया। उमा जी ने विशेष तौर पर दिल्ली निवासी जानी – मानी कवयित्री संतोष संप्रति जी और साहित्य सृजन कुटुंब का विशेष आभार व्यक्त किया। आदरणीया सन्तोष संप्रति जी ने उनका कंगन, माला, दुपट्टा, सम्मान पत्र द्वारा सम्मान कर अपना स्नेह आशीर्वाद दिया। जिसे वो कभी भुला नहीं पाएँगी। उन्होंने एडवोकेट महेन्द्र भारद्वाज जी का भी हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी व्यस्तता होते हुए भी वो इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए ग्वालियर से दिल्ली आए। उन्होंने इन सभी के प्रति अपना विशेष आभार व्यक्त किया। उमा जी ने बताया कि सभी ने मिलकर बहुत मेहनत और सहयोग किया है। अंत में उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर आयोजन बहुत ही भव्य और शानदार रहा। साथ ही उन्होंने ये भी आश्वासन दिया कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में आगे भी ऐसे साहित्यिक आयोजन करती रहेंगी।