राजिम :- यह कहना गलत नहीं होगा कि मूंगफली के फायदे बादाम से किसी भी तरह से कम नहीं हैं। यह न सिर्फ ठंड के मौसम में दोस्तों के बीच हंसी-ठिठोली और टाइम पास का बढ़िया जरिया है, बल्कि यह पौष्टिक तत्वों का खजाना भी है।
मूंगफली क्या है – मूंगफली को फलियों की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन इसमें सूखे मेवों के भी गुण मौजूद होते हैं। यही कारण है कि इसे नट्स की श्रेणी में भी शामिल किया जा सकता है। वहीं, इसमें तेल की उच्च मात्रा पाई जाती है, इसलिए इसे तिलहन फसल में भी शामिल किया जाता है। ये प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है। नट्स और तेल में इस्तेमाल होने के अलावा, मूंगफली का उपयोग मक्खन, स्नैक उत्पाद और डेसर्ट बनाने में भी किया जाता है। मूंगफली को कई नामों से जाना जाता है, जैसे हिंदी में मूंगफली, तेलगु में ‘पलेलु’ , तमिल में ‘कदलाई’ , मलयालम में ‘निलक्कड़ला’ गुजराती में ‘सिंगदाना’ और मराठी में ‘शेंगदाना’ कहा जाता है। इसके अलावा, मूंगफली को जमीन से प्राप्त किया जाता है, जिस कारण इसे ग्राउंडनट भी कहा जाता है। मूंगफली भारत में पूरे वर्ष, हर जगह मिलती है और इसके उत्पादन में भारत का दूसरा स्थान है। जानकारी के लिए बता दें की मूंगफली का उत्पादन चीन में सबसे ज्यादा किया जाता है ।
मूंगफली सेहत के लिए क्यों अच्छी है?
मूंगफली में कई स्वास्थ्यकारी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें प्रोटीन और फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है। साथ ही इसमें हेल्दी फैट (मोनोसैचुरेटेड फैट) पाए जाते हैं। इसमें रेस्वेट्राल और फाइटोस्ट्राल जैसे न्यूट्रिएंट्स भी पाए जाते हैं। वहीं, मूंगफली का उपयोग, हृदय रोग, डायबिटिज, अल्जाइमर और कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है। वैज्ञानिक शोध कहते हैं कि मूंगफली और इससे बने उत्पाद कुपोषण से पार पाने में सहायक हो सकते हैं। इसलिए, मूंगफली को सेहत और स्वास्थ्य का पॉवर पैक कहा जा सकता है।

मूंगफली के फायदे – मूंगफली के गुण से अगर आप अभी तक अनजान थे, तो हम बताने जा रहे हैं कि मूंगफली के गुण कैसे स्वास्थ्यकारी हो सकते हैं। कच्ची मूंगफली खाने के फायदे से लेकर मूंगफली कैसे खाये, ये सभी जानकारी यहां आपको मिल जाएगी। साथ ही आप जान सकेंगे कि मूंगफली में क्या पाया जाता है, जो गुणकारी है।
डायबिटीज के लिए मूंगफली के फायदे :- मधुमेह से ग्रसित लोग मूंगफली को डायट में शामिल कर सकते हैं। इसका सेवन करने से डायबिटीज पेशेंट्स को बहुत फायदा पहुंच सकता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने मूंगफली को डायबिटीज सुपर-फूड का दर्जा दिया है, क्योंकि इसमें मैग्नीशियम, फाइबर और हार्ट हेल्दी ऑयल्स मौजूद होते हैं। ये ब्लड ग्लूकोज को अधिक प्रभावित नहीं करते हैं । वहीं, अगर मधुमेह में मूंगफली खाना नहीं चाहते, तो मूंगफली का घर पर पीनट बटर बनाकर भी डायट में शामिल कर सकते हैं। मूंगफली के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है । इसलिए, बेहिचक शुगर में मूंगफली खा सकते हैं।
अल्जाइमर और दिमाग के लिए मूंगफली के फायदे
अल्जाइमर रोग दिमाग से संबंधित एक विकार है। इस बीमारी में व्यक्ति की याददाश्त प्रभावित हो जाती है । इस बीमारी से बचाव में मूंगफली के फायदे देखे गए हैं। दरअसल, मूंगफली में नियासिन की उच्च मात्रा होती है और यह विटामिन-ई का एक अच्छा स्रोत है। रिसर्च में इन दोनों तत्वों को अल्जाइमर रोग और उम्र के साथ दिमागी शक्ति में आने वाली गिरावट से बचाव में कारगर पाया गया है। इतना ही नहीं, मूंगफली में मौजूद रेसवेराट्रॉल, अल्जाइमर रोग और अन्य नर्व सिस्टम डिसआर्डर के लिए लाभदायक हो सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता हैं कि सींगदाना खाने के फायदे दिमाग और उससे जुड़ी समस्याओं से राहत दिला सकते हैं ।
ऊर्जा बढ़ाने के लिए मूंगफली के फायदे :- मूंगफली को ऊर्जा का पॉवर पैक कह सकते हैं क्योंकि इसकी थोड़ी मात्रा से ही पर्याप्त उर्जा हासिल को जा सकती है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत हेल्दी फैट होता है, जो किसी भी पारंपरिक खाद्य पदार्थों की तुलना में अधिक कैलोरी दे सकता है । गर्मियों में मूंगफली खाने के फायदे, ऊर्जा दे सकते हैं, क्योंकि गर्मियों में ऊर्जा की अधिक खपत होती है।
एक अन्य रिसर्च के अनुसार, नट्स प्रोटीन का अच्छा स्रोत होते हैं और क्योंकि मूंगफली भी उनमें से एक है, इसलिए यह भी काफी प्रोटीन युक्त होती है और इससे शरीर को अच्छी एनर्जी मिल सकती है। मूंगफली की चटनी बनाकर खाएं या फिर ब्रेड पर पीनट बटर लगाकर खाएं, मूंगफली के फायदे कई तरह से लिए जा सकते हैं ।
तंत्रिका विकार से बचाव में मूंगफली के लाभ
मूंगफली खाने के फायदे तंत्रिका विकार से बचा सकते हैं। मूंगफली में रेस्वेराट्रोल और नियासिन की उचित मात्रा इसे नर्व हेल्थ यानी तंत्रिका तंत्र स्वास्थ्य के लिए उत्तम खाद्य पदार्थ बनाती है । चूहों पर किए गए एक अध्ययन में यह बात पता चली है कि रेस्वेराट्रोल में न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है यानी यह तंत्रिका तंत्र को सुचारू रखने में सहायक हो सकता है । वहीं, नियासिन यानी विटामिन-बी 3 का होना मूंगफली को और फायदेमंद बना सकता है क्योंकि न्यूरोनल (तंत्रिका संबंधी) स्वास्थ्य बढ़ाने में विटामिन बी-3 लाभ दे सकता है। इसलिए, कहा जा सकता हैं कि विटामिन की कमी से होने वाले तंत्रिका तंत्र विकार और मनोरोगों से सुरक्षा देने में मूंगफली कारगर हो सकती है ।
डिप्रेशन से बचाव में मूंगफली के फायदे :- मूंगफली का सेवन डिप्रेशन की स्थिति में कुछ हद तक सुधार कर सकता है। पाठक यह बात अच्छी तरह जान चुके हैं कि मूंगफली में रेस्वेराट्रोल होता है। रिसर्च कहती है कि यह शक्तिशाली तत्व, एंटीडिप्रेसेंट (अवसाद कम करने वाला) दवा की तरह काम कर सकता है। रेस्वेराट्रोल का सेवन किया जाए, तो यह मस्तिष्क के हिस्सों और तंत्रिका मार्गों पर असर डाल सकता है। इसलिए, यह रेस्वेराट्रोल नामक पॉलीफेनोल, अवसाद के कई मामलों में फायदेमंद हो सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि यह रिसर्च चूहों पर की गयी है, इंसानों पर इसका प्रभाव जानने के लिए और शोध किए जाने की जरूरत है ।

हड्डियों/गठिया के लिए मूंगफली के फायदे : विज्ञान, हड्डियों और उनसे जुड़ी मांसपेशियों को सेहतमंद रखने में मैगनिशियम की बड़ी भूमिका बताता है। रिसर्च कहती हैं कि मैग्नीशियम, मस्कुलोस्केलेटल हेल्थ यानी हड्डियों और मसल्स को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर हो सकता है । मूंगफली में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है इसलिए मूंगफली का सेवन हड्डियों की सेहत के लिए अच्छा माना जा सकता है । एक चौथाई कप भुनी मूंगफली में 63 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है, जो कि दैनिक जरूरत का 15 प्रतिशत है । इसके अलावा, मूंगफली के नुकसान या किसी जोखिम का डर हो तो गठिया के रोगियों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। गठिया के रोगियों को मूंगफली को कितनी मात्रा में डायट में शामिल किया जाए इसे लेकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कोलेस्ट्राल कम करने में मूंगफली के फायदे :- लो फैट डाइट की तुलना में मूंगफली और इसके उत्पाद (मक्खन और तेल) दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। शोध के अनुसार, इसमें उच्च मोनोअनसैचुरेटेड फैट होते हैं, जो कुल बॉडी कोलेस्ट्रॉल को 11 प्रतिशत और खराब कोलेस्ट्रॉल को 14 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि मूंगफली अच्छे कोलेस्ट्राल को बनाए रखने का काम कर सकती है। मूंगफली के ये गुण कोलेस्ट्राल का संतुलन बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं । इसलिए, कोलेस्ट्राल कम करने में मूंगफली खाने के फायदे लिए जा सकते हैं लेकिन इसका सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।
फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक है मूंगफली :- मूंगफली खाने के फायदे में फर्टिलिटी का बढ़ना भी शामिल है, क्योंकि इसमें अर्जिनाइन पाया जाता है, जो पुरुष प्रजनन शक्ति में इजाफा कर सकता है। इसके अलावा, जिंक की कमी शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करती है। मूंगफली जिंक का एक अच्छा स्रोत है, जो शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है । मूंगफली महिलाओं की प्रजनन क्षमता को किस प्रकार प्रभावित करती है, इस पर अभी वैज्ञानिक शोध किया जा रहा है।
गाल स्टोन होने पर मूंगफली के लाभ :- पित्त की थैली में पथरी (गाल स्टोन) की शिकायत आजकल आम नजर आने लगी है। ऐसे में मूंगफली समेत अन्य नट्स लाभकारी हो सकते हैं। मूंगफली में कई स्वास्थ्यकारी तत्व होते हैं, जो पित्त की थैली में पथरी के जोखिम को कम कर सकते हैं। मूंगफली का सेवन करने से पथरी का जोखिम कम हो सकता है, जिससे पित्त की थैली के सर्जरी के मामलों में भी कमी आ सकती है । हालांकि, पित्त की थैली में पथरी से बचाव में सींगदाना खाने के फायदे कैसे काम करते हैं, इस पर अभी अधिक शोध की जरूरत है।
वजन बढ़ने का जोखिम कम कर सकती है मूंगफली :- शेंगदाणा खाने के फायदे में वजन कम होना भी शामिल है। जैसा कि हम पहले बता चुके हैं कि मूंगफली एक प्रकार का नट है जिसमें हेल्दी फैट्स (मोनोअनसैचुरेटेड फैट) पाए जाते हैं, इसे हेल्दी डायट का हिस्सा बना सकते हैं। जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं वो भी सीमित मात्रा में इसे डायट में शामिल कर सकते हैं। स्कूली बच्चों पर की गयी एक रिसर्च इस बात की पुष्टि करती है कि दो साल तक मूंगफली का सेवन करने के बाद ओवरवेट बच्चों के वजन में कमी पाई गयी। इस आधार पर यह कहा जा सकता है कि मूंगफली खाने के फायदे ये भी हैं कि यह इससे वजन बढ़ने का जोखिम न के बराबर हो सकता है ()।
एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त है मूंगफली :- मूंगफली में फ्री रेडिकल्स के खिलाफ लड़ने के लिए फ्री रेडिकल स्क्वैजिंग एक्टिविटी पाई जाती है। इसमें बहुत से एंटीऑक्सीडेंट्स हैं, जो न सिर्फ रोगों से निजात दिला सकते हैं बल्कि उम्र बढ़ाने में भी मददगार हो सकते हैं। मूंगफली में एंटीऑक्सीडेंट खनिज (सेलेनियम, मैंगनीज, कॉपर) और फ्लेवोनोइड्स पाए जाते हैं। साथ ही इसमें विटामिन ई, क्लोरोजेनिक एसिड, कैफिक एसिड, कौमारिक एसिड और फेरुलिक एसिड होते हैं, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स गतिविधि दिखा सकते हैं ।

विटामिन और मिनरल्स से भरपूर है मूंगफली –फल, सब्जियों व नट्स को विटामिन का अच्छा स्रोत माना गया है। हालांकि, कई बार अखरोट, बादाम व पिस्ता जैसे महंगे ड्राई फ्रूट्स खाना जेब पर काफी भारी पड़ जाता है। इस स्थिति में जरूरी विटामिन सस्ती मूंगफली से मिल सकते हैं। जी हां, मूंगफली गुणों का खजाना है और विटामिन से भरपूर है। मूंगफली में कौन सा विटामिन होता है, अगर ये नहीं जानते, तो बता दें कि मूंगफली में बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे नियासिन , राइबोफ्लेविन , थियामिन पैंटोथेनिक एसिड आदि होते हैं। साथ ही इसमें मूंगफली में पोटेशियम, मैंगनीज, कॉपर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, सेलेनियम और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं । इसलिए, मूंगफली को पौष्टिक आहार कहा जा सकता है और मूंगफली दाना के फायदे, शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर स्वस्थ रख सकते हैं।
स्वस्थ्य त्वचा के लिए मूंगफली खाने के फायदे मूंगफली दाना के फायदे त्वचा को सुरक्षा और पोषण दोनों दे सकते हैं। दरअसल, शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने पर त्वचा का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे कई तरह की त्वचा समस्या उत्पन्न हो सकती हैं । ऐसे में मूंगफली का सेवन कुछ हद तक त्वचा को सुरक्षा प्रदान कर सकता है। मूंगफली में अर्जिनाइन नामक एमिनो एसिड पाया जाता है, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि शरीर में अमोनिया और अन्य विषाक्त पदार्थों के प्रभावों को बेअसर करके, अर्जिनाइन लिवर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकता है
मूंगफली का उपयोग कैसे करे – मूंगफली का उपयोग करने के कई तरीके हैं जिनमें से आप अपने पसंदीदा तरीका चुनकर मूंगफली को डायट में शामिल कर सकते हैं। इसे विभिन्न तरीकों जैसे – मक्खन, तेल, आटा और फ्लेक के रूप में उपयोग किया जाता है। चलिए कुछ तरीकों पर नजर डालते हैं।

उबाल कर खाएं मूंगफली :- मूंगफली को उबालकर खाया जा सकता हैं। उबली हुई मूंगफली बहुत ही स्वादिष्ट होती है और सेहतमंद भी होती है। इससे जुड़े शोध के अनुसार, उबालने से मूंगफली की एंटीऑक्सीडेंट क्षमता बढ़ जाती है। वहींं, एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स और ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मददगार हो सकता है । इसलिए, सेहत के लिए मूंगफली को उबालकर भी खाया जा सकता है।
मूंगफली के नुकसान – किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन हानिकारक हो सकता है। इसी प्रकार अधिक मूंगफली खाने पर मूंगफली के नुकसान नजर आ सकते हैं, इसलिए ज्यादा मूंगफली खाने के नुकसान के बारे में जरूर जानें ।

- मूंगफली से एलर्जी की समस्या हो सकती है। पहले कभी मूंगफली से एलर्जी हुई है, तो इसे खाने से बचें। चाहें, तो पहले मूंगफली के एक या दो दाने खाकर देख लें कि यह आपको सूट कर रही है या नहीं। कुछ लोगों को मूंगफली खाने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में बिना देर करते हुए डॉक्टर से संपर्क करें।
- अगर त्वचा संवेदनशील है, तो त्वचा में खुजली व रैशेज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, त्वचा या गले में सूजन की समस्या भी एलर्जी के ही लक्षण हैं।
- जरूरत से ज्यादा मूंगफली खाने से गैस, सीने में जलन यानी एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों में इसके सेवन से अस्थमा या दमा का अटैक हो सकता है। इसलिए, जिन्हें अस्थमा की समस्या है, वो डॉक्टरी सलाह पर इसका सेवन करें।
मूंगफली की तासीर गर्म होती है, इसलिए ध्यान रहे कि ठंड के मौसम में इसका सेवन करें। अगर गर्मी में इसे खा रहे हैं, तो ज्यादा मात्रा में इसका सेवन न करें। अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पेट खराब हो सकता है।
