सड़क किनारे विशाल महुआ पेड़ पर एक जंगली जानवर भालू काफी देर तक चढ़ा हुआ था। जिसे देखने लोगों का भीड़ उमड़ पड़ा।

मुड़ागांव /कोरासी:-अंचल में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोग घरों में दुबके हुए हैं। दोपहर को सड़कों गलियों में सूनापन दिखता है। पानी की समस्या से हर कोई परेशान हैं। जंगली जानवर गांवों के नजदीक आ रहे हैं। बुधवार के दिन नयापारा मड़ेली के समीप सड़क किनारे विशाल महुआ पेड़ पर एक जंगली जानवर भालू काफी देर चढ़ा हुआ था।जिसे देखने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। साप्ताहिक बाजार होने के कारण लोगों को जैसे ही मालूम पड़ा लोग भालू देखने दौड़ पड़े। लोगों की मौजूदगी के कारण भालू काफी देर तक पेड़ पर ही चढ़ा रहा।वन विभाग की टीम लोगों को नजदीक नहीं जाने की सलाह देते रहे।देर रात लोग वहां से हटे भालू पेड़ से उतर कर जंगल की तरफ भागे। लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं वन विभाग की टीम देर रात तक भालू की निगरानी में रहे। गांव के नजदीक तेंदू,बरगद के विशाल पेड़ है जो फल से लदे हुए हैं जिसे खाने के लिए भालू की आमद होती है। वहीं पास में ही मधुमक्खियों का डेरा है भालू के लिए यह प्रिय भोजन होता है जिसे खाने गांव के नजदीक पहुंचते हैं। जंगल में उसके खाने के लिए भोजन उपलब्ध नहीं है। पेड़ों के अंधाधुंध कटाई के चलते जानवरों के लिए भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पीने की पानी की भी समस्या उत्पन्न हो गई है जिसके कारण गांवों के तरफ जानवर रुख कर रहे हैं। विगत दिवस बोईरगांव बांध के समीप एक जंगली बंदर माकड़ी दो ब्यक्ति के ऊपर हमला कर घायल कर दिया था। काफी दिनों से यह बंदर बांध के समीप ही रहता है। अचानक राहगीर के ऊपर हमला कर देता है। उनके खाने के लिए भी भोजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। भीषण गर्मी के चलते पानी पीने जानवर गांवों के नजदीक आ रहे हैं।भालू से सामना आये दिन लोगों से होता रहता है।रात में लोगों को चलना मुश्किल हो जाता है। कहीं भालू न आ जाए एक डर बना रहता है। नयापारा मड़ेली के स्कूल प्रांगण में विशाल वटवृक्ष है जो फल से लदा हुआ है जिसे खाने जंगली पशु पक्षी आते रहते हैं। पक्षियों की चहचहाहट दिनभर सुनाई देता है। नयापारा बस्ती जंगल से लगा हुआ है। कभी भी जानवर आ जाता है।स्कुल का अहाता अधूरा पड़ा हुआ है सामने भाग ही अहाता बना हुआ है पीछे भाग अधूरा पड़ा है जिससे हमेशा जानवर आ जाने का डर बना रहता है। नौनिहाल जहां भविष्य गढ़ते हैं उनके लिए घेरा भी नसीब नहीं है।