
सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- चिरमिरी मे कई वर्षो से अवैध कोयला उत्खनन कारोबार हो रहा है, पोड़ी के समीप 7 नंबर खदान पहाड़ के बीच जान जोख़िम मे डालकर कोयला उत्खनन का कारोबार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार कोयला की खदाने लगभग पच्चीस वर्षो से बंद हो चुकी हैं। खदानों के मुहाड़े मे स्टॉपेज किया जा चुका है, कोयला माफिया द्वारा इस स्टॉपेज के बगल से तोड़कर और पहाड़ों को खोदकर कोयला बाहर निकाला जाता है। आप को बता दे कि इस कोयले की खदानों से जहरीली गैस का रिसाव होता है, कोयला माफिया द्वारा मजदूर वर्ग के लोगो को खदान के मुहाडे से अंदर घुसा कर कोयला निकलवाने का कार्य करवाया जाता है। मजदूर वर्ग अपनी जान जोखिम मे डालकर कोयला निकालते हैं और ये माफिया मुनाफा कमाते हैं। मिली जानकारी के अनुसार आप को बता दे कि एक पत्रकार टैक्टर से लदी अवैध कोयले का वीडियो बना रहा था,अचानक कोयला माफियाओं के द्वारा हमला कर दिया गया,मारपीट की गई और धमकी देकर बोले जान से मार दिए जाओगे।पत्रकार ने थाने मे जाकर चार घंटा मशक्कत करने के बाद कोयला माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।वर्तमान मे उपरोक्त स्थल जहां से कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है अगर कोई घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा यह सबसे बड़ा सवाल है? इन अवैध गतिविधियों को देखते हुए भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के अध्यक्ष कमल देव एवं महेश प्रसाद ने थाना पोड़ी मे ज्ञापन सौंपा है ताकि भविष्य मे अवैध कोयले का उत्खनन न किया जाए।
