स्वामी आत्मानंद स्कूल राजिम में प्राचार्य की मनमानी l 

राजिम :- राजिम के स्वामी आत्मानंद स्कूल में वर्षों से संचालित कला संकाय को प्राचार्य द्वारा अचानक बंद कर दिया गया है जिससे छात्रों और पालकों में बेहद आक्रोश व्याप्त हो गया है। राजिम के सबसे पुराने विद्यालय राम विशाल पांडे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थापना वर्ष से ही कला संकाय संचालित है जिसमें अधिक से अधिक छात्र अध्ययनरत रहे हैं गत वर्ष स्कूल को स्वामी आत्मानंद के रूप में उन्नयन किया गया। 10 वीं बोर्ड के रिजल्ट आते ही पास हुये विद्यालयीन छात्र जब कक्षा ग्यारहवीं में कला संकाय में प्रवेश हेतु कक्षा शिक्षा व प्रवेश प्रभारी संतोष सूर्यवंशी के पास गए तो शिक्षक द्वारा साफ मना कर दिया गया और प्राचार्य से बात करने को कहा गया। अन्य शिक्षकों द्वारा भी यहीं बात कहीं गई। जब छात्र और पालक प्राचार्य से इस संबंध में बात करने गए तो प्राचार्य संजय एक्का ने कला संकाय में शिक्षक कम होने का बहाना बताकर प्रवेश देने से मना कर दिया और कहा कि जब शिक्षक आ जायेंगे तो प्रवेश ले लेंगे। जब छात्रों ने विनती की तो उन्हें स्थानीय देवी संपद स्कूल में पढ़ाई अच्छी होती है वहीं एडमिशन ले लो कहकर भगा दिया। एक छात्र ने बताया कि स्कूल में हमेशा से आर्ट विषय की पढ़ाई होती थी उनके परिवार के कई सदस्य यहां से पास हुए हैं। हम यहां पर कक्षा छठवीं से पढ़ते आ रहे हैं और अचानक इस साल आर्ट को बंद कर देने से हम कहां जाएंगे। एक अन्य छात्र ने बताया कि राजिम में कन्या शाला छोड़कर दो ही हायर सेकेंडरी स्कूल है हमारे स्कूल में अचानक आर्ट को बंद कर दिये और देवी संपद में सीमित सीट होने से हमें एडमिशन मिलना मुश्किल हो गया है।‌ ऐसे में हमें अपनी पढ़ाई बंद करनी पड़ेगी। इच्छा होने के बाद भी आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाएंगे। प्राचार्य की मनमानी से छात्र भटकने को मजबूर हुए एक छात्र के परिजन बताया कि विषय शिक्षक की कमी होने के कारण प्रवेश नहीं देने की बात कहने पर जब प्रिंसिपल को बोले की शिक्षक की व्यवस्था आप की जिम्मेदारी है तो कहते है की ‘ आप लोग ही व्यवस्था करवा दो फिर ‘ इस प्रकार गैर जिम्मेदाराना बयान एक प्राचार्य की योग्यता पर प्रश्न चिन्ह है। पालकों कहना है कि यह शहर का सबसे पुराना स्कूल है इसी स्कूल से कला संकाय में पढ़ते हुए कई बड़े नेता, जनप्रतिनिधि आज समाज का नेतृत्व कर रहे हैं और इस तरह अपनी मनमर्जी चलाते हुए प्रिंसिपल का पूरे कला संकाय को ही बंद कर देना छात्रों के अधिकारों का हनन है।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस संबंध में ठोस कदम उठाना चाहिए। छात्र नेताओं ने कहा कि प्राचार्य द्वारा शिक्षक कम है का बहाना देकर संकाय को ही बंद करवा देना सर्वथा अनुचित है। यदि शिक्षक कम है तो यह प्राचार्य की जिम्मेदारी है कि वह व्यवस्था करें ना कि उस संकाय को ही बंद कर दे, प्राचार्य की इस मनमानी को लेकर युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआइ तथा राजीव युवा मितान क्लब के छात्र नेताओं ने एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।