गोजी के प्राथमिक शाला भवन में असामाजिक तत्वों का डेरा

कुरूद :- धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक के उत्कृष्ट ग्राम पंचायत में सुमार कहे जाने वाले गोजी की शासकीय प्राथमिक शाला में असामाजिक तत्वों का डेरा है। जहां रेत माफिया और उसके गुर्गो द्वारा अय्यासी के तमाम हथकंडे अपना शिक्षा के मंदिर को कलंकित कर रहें हैं।

बावजूद यहां के पंचायत प्रतिनिधि सहित प्रशासन कार्यवाही में हिलाहवाला किया जा रहा है। बीते दिनों ग्राम गोजी के ग्राउंड रिपोटिंग के लिए पहुंचे पत्रकारों ने विकासखंड कुरूद के ग्राम पंचायतों में सबसे शिक्षित सरपंच तथा उत्कृष्ट पंचायतों में से एक गोजी में जमीनी हकीकत कुछ और देखा गया। ग्राम पंचायत गोजी को मॉडल के रूप में विकसित करने यहां के सुशिक्षित युवा सरपंच के कार्यों को देख शासन ने लाखों-करोड़ों भेजकर कर वहां के विकास में चार चांद लगाने की कोशिशें कर रहे है और गांव की तस्वीर बदल रहें हैं।लेकिन दूसरी ओर डोल के अंदर पोल वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सरपंच अपने निजी स्वार्थ के चलते नवनिर्मित शासकीय प्राथमिक शाला भवन के अतिरिक्त कमरे को रेत माफियाओं के गुर्गों के हवाले कर दिया गया है।जो अय्याशी का अड्डा बना डाला है। जहां उन्होंने न केवल वे कई महीनों से अपना डेरा जमाया हुआ है बल्कि वहां रेत के पैसे से आने वाले काला धन का हिसाब किताब भी किया जाता है। इतना ही नही वहां बिस्तर सजाकर रेत माफिया और उसके गुर्गे शराब, कबाब के साथ शबाब का भी आनंद लेने का संदिग्ध सामाग्री देखा गया। जिसकी सुध न तो पुलिस को और न ही अनुविभागीय प्रशासन को है। जिसके चलते गुर्गे सारे नियम कायदों को ताक में रखकर वहां बेखौफ हो कर अपने हर काले-सफेद कार्य को अंजाम दे रहे है।

शासकीय संपत्ति का दुरूपयोग और बिजली चोरी भी पूरी दमदारी से

शासकीय प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन गोजी में अवैध रूप से कब्जा जमाये लोग डायरेक्ट बिजली की चोरी कर लाइट, पंखा, कूलर का उपयोग भी कर रहे है। जिसके लिए एक कमरा बिस्तरों से सजा पड़ा है, दूसरा में अंग्रेजी शराब नम्बर वन की बोतलें, कार्टूनों का अंबार है। जिससे लगता है कि ये लोग यहां से अवैध शराब की बिक्री भी करते हैं। अपराधी किस्म के लोगो जिसके पास न आधार है न रहने का शासकीय आदेश बावजूद रह रहे है, क्या किसी भी शासकीय भवन को किसी को भी दे देने का सरपंच को एकाधिकार है, ऐसे में कोई बड़ी घटनाकारित होता है तो उसके जिम्मेदार कौन होगा ?

कई शिकायतो के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नही

ग्राम पंचायत गोजी में बाहरी लोगो के अनाधिकृत रूप से रहने और शासकीय भवन (संपत्ति) के दुरुपयोग की शिकायत ग्राम गोजी के वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीणों ने एक कार्यक्रम में बतौर अतिथि पहुंचे क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर से करते हुए सरपंच की मनमानी से विधायक  चंद्राकर से की थी जिस पर  चंद्राकर ने तत्काल उक्त विषय पर तहसीलदार को कार्यवाही हेतु कहा था और तहसीलदार ने पटवारी से पंचनामा बनाकर प्रकरण तैयार कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन लगभग माह भर बाद भी अब तक प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही की और न ही शासकीय भवन के हो रहे दुरूपयोग की सुध ली गई है। 23 मार्च को भी जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक में विधायक प्रतिनिधि गौकरण साहू ने मुद्दा उठाया था। जिसे पूरा 1 महिना बीत गया है और अब भी कार्यवाही जांच के रूप में जारी है। ततपश्चात सांसद की अध्यक्षता में 11 अप्रैल को हुई बैठक में पुनः ध्यानाकर्षण कराया गया। जिस पर कलेक्टर ने भी उक्त मामले पर कार्यवाही का आदेश दिया था।

प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणो में आक्रोश

ग्रामीणो का कहना है कि एक शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करना बहुत ही गलत कार्य है जिसका हम पूरजोर विरोध और इसे निराकृत करने के लिये लगातार शासन प्रशासन को शिकायत कर कार्यवाही की मांग कर रहे है लेकिन प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही करने से हम जल्द ही उग्र आंदोलन करने के लिये तैयार है। खाली कराया गया स्कूल भवन कुरूद एसडीएम सोनाल डेविड ने बताया कि मामले की जांच हेतु नायब तहसीलदार निवेश कुरेटी को पंचनामे सहित समस्त जांच रिपोर्ट तैयार करने हेतु अधिकृत किया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद नायब तहसीलदार डहरिया के द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन को खाली करा दिया गया है। साथ ही दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। शासकीय भवन खासतौर पर स्कूल भवनआदि का दुरुपयोग नही किए जा सकता।

अखबारों की सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन आया हरकत में

ग्राम गोजी के शासकीय प्राथमिक शाला के अतिरिक्त भवन को रेत माफिया के गुर्गों को देने की खबर को कुरूद के पत्रकारों द्वारा प्रमुखता से अखबारों में प्रकाशित करने के बाद अंततः प्रशासन सहित पंचायत प्रतिनिधि हरकत में आया और सोमवार को प्रशासन के अधिकारी एवं स्वंय सरपंच अपने पंचो के साथ भवन खाली कराया।