
धमतरी :- आगंनबाड़ी में कार्यरत सहायिकाओं बहनो की मांगों को लेकर आक्रोष पनपने लगा है विगत 43 दिन की लगातार हड़ताल के बाद भूपेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 3500 की बढ़ोतरी मानदेव में की ही लेकिन सहानिकाओं को मात्र 1750 बढ़ोतरी की है। आगंनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन (सीटू) के राज्य अध्यक्ष कामरेड समीर कुरेशी ने जानकारी देते हुऐ बताया कि रायपुर राज्य सरकार ने आगंनबाड़ी में कार्यरत सहायिकाओं बहनों को अल्प राशि मानदेय में जो बढ़ोतरी की है वह पर्याप्त नही है। सीटू यूनियन की राज्य समिति की पिछली बैठक में सहायिकाओं की मांगों पर गंम्भीरता पूर्वक चर्चा किया गया और 5 अप्रेल को यूनियन के प्रतिनिधि मन्डल ने महिला बाल विकास विभाग के सचिव / सन्चालक से मिलकर सहायिकाओं की सात सुत्रीय मांग पत्र सौपा गया। यूनियन के प्रदेश महासचिव, संगीता महंत एवं उपाध्यक्ष सरला शर्मा ने जानकारी दी मांग पत्र मे 7 मांगो में सहायिकाओं को 8000 व प्रतिमाह मानदेय दिया जाऐ तथा, सहायिकाओं को गेच्युटी, पैशन, सालाना वेतन बृद्धि के लाभ, ईधन के रूप में 2 गैस सिलेण्डर केन्द्र तक पहुंचाकर दिया जाएा पैशन मिलने तक रिटायर होने पर तीन लाख रूपया एक मुश्त दिय जाए और सहायिकाओं को प्रमोशन देते समय 10 वर्ष की सीमा को 5 वर्ष् किया जाए यूनियन के बरिष्ठ उपाध्यक्ष कॉमरेड गजेन्द्र झा ने सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि राज्य सरकार सहायिका बहनों की मांगों 15 दिवस में गम्भीरता पूर्वक कार्यवाही कार्य वाही नही करती है, तो सहायिका बहनों के पास हडताल के अलावा कोई ओर रास्ता नही बचेगा।
