किरंदुल /रणवीर सिंह चौहान
किरंदुल :- एनएमडीसी बी आई ओ एम किरंदुल कॉम्प्लेक्स का प्रशासन जिस तर्ज पर स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहा है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है जगह जगह कचरों के सड़ते ढेरों को साफ देखा जा सकता है, बैलाडीला के मुख्य बाजार के सामने व एनएमडीसी कालोनी के पीछे कचरे की सड़न से उत्पन्न बदबू को लोग आधे किलो मीटर तक महसूस कर सकते हैं

उसी प्रकार से अधिकारियों की कालोनी को छोड़ कर मजदूरों और कर्मचारियों की कालोनी में बिखरे कचरे के ढेर इस नवरत्ना कम्पनी की एक अलग ही। कहानी बयां करते हैं यहां तक की लगभग 70 वर्ष पूर्व एनएमडीसी द्वारा कर्मचारियों के मनोरंजन वा सांस्कृतिक सामाजिक कार्य हेतु एक सिनेमा हॉल परिसर स्टेडियम की तर्ज पर बनवाया गया था आज भी वह अच्छे हालत में एनएमडीसी क्षेत्र के बीचों बीच मौजूद है बस फर्क इतना है की अब वह ओपन बार का रूप धारण कर चुका है शाम होते ही मदिरा प्रेमी अपनी अपनी बोतल वा बीयर लेकर वहां पहुंच जाते हैं।
एवम सम्पूर्ण रात्री मदिरा का आनन्द उठाते हैं साथ ही खाली बोटलो को चारों दिशाओं में।फेंक, फेंक। कर निशाना लगाने का अभ्यास भी।करते हैं जिससे उक्त।स्थल पर टूटी हुई कांच की बोतल का अंबार लग जाता है, यदि कोई बच्चा दिन में यहां खेलने कूदने। आ जाए तो निश्चित ही घायल हो जायेगा और कई बार यह हो भी चुका है जनता इन शराबियों के खिलाफ आवाज भी उठा चुकी है किन्तु एनएमडीसी इस सब की परवाह नहीं करता चूंकि उनके पास खुद का एक ऑफिसर क्लब है गेस्ट हाउस है जहां एनएमडीसी के अधिकारियों के लिए हर प्रकार का इंतजाम मौजूद रहता है पहाड़ों से लोह अयस्क खोद कर बेचने के आलावा उसका कोई दूसरा रूप है।

ही नहीं आप इस बात का अंदाजा सहज लगा सकते हैं की जो एनएमडीसी केंद्र सरकार के अधीन है वह भारत के प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत को अपना ठेंगा दिखा रही है विचार करने योग्य बात है की यह ढीटता जब केंद्र सरकार की योजना के साथ है। जिसके वह अधीन है तो बाकियों की क्या बिसात।
