
राजिम :- चौबेबांधा में चल रहे राज्य स्तरीय सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ी है जो निश्चित रूप से राम की कृपा है। सनातन संस्कृति अत्यंत प्राचीन है। हमारी परंपरा को विदेशी आक्रांताओं ने नष्ट करने का भरपूर प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। धर्म की रक्षा करने की जिम्मेदारी हम सब की है। धर्म परिवर्तन गांव की एकता को तोड़ने का प्रयास है। गुमराह हो रहे ऐसे लोगों को साथ में लाने के लिए हम सबको भरसक प्रयास करने की जरूरत है क्योंकि वह भी हमारे भाई बंधु है। उन्होंने कहा कि अंचल में बड़ी संख्या में रामायण सम्मेलन का कार्यक्रम होना ही लोगो की धार्मिकता को प्रकट करते हैं। रामायण समिति की मांग पर मानस भवन के जीर्णोद्धार के लिए राशि स्वीकृत करने की बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश साहू संघ के उपाध्यक्ष भुनेश्वर साहू ने कहा कि मनुष्य बुद्धिजीवी प्राणी है दुर्गुण को हटाने के लिए सत्संग की जरूरत है।

स्वर्ग और नर्क को खोजने की जरूरत नहीं है मेरे विचार से यह काल्पनिक है। मां की गोद और धरती मां ही स्वर्ग है इनके सेवा से स्वर्ग से भी बड़ा पद पा सकते हैं। मां ना होती तो हम ना होते। उनका सम्मान करना ही सबसे बड़ी भक्ति है। जिस गांव की मिट्टी में खेले कूदे हैं यहां के हवा पानी अग्नि का उपयोग किए हैं तो गांव की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी भी हमारी बनती है। जीवन अत्यंत छोटी है हमें अपने बेटियों के नाम पर एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए और उस पेड़ का भी नाम बेटियों के नाम पर रख दे और जिस तरह से बेटी का पालन पोषण में हम समय देते हैं उसी तरह से पेड़ को बड़े करने के लिए उनकी सुरक्षा का ख्याल रखें। विशिष्ट अतिथि के आसंदी से राजीव भक्ति मंदिर समिति के अध्यक्ष लाला साहू ने कहा कि धर्म और संस्कृति लोगों को जोड़ने का काम करती है टीवी मोबाइल इंटरनेट व्हाट्सएप फेसबुक यूट्यूब के जमाने में भी वैदिक रीति रिवाज देश-विदेश में छाया हुआ है। धर्म जीवन जीने की कला बताती है जिन के मार्ग पर चलकर मनुष्य जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
भाजपा नेता रामूराम साहू ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान बनाने की शिक्षा रामचरित्र मानस से मिलती है माता-पिता गौ माता की सेवा ईश्वर सेवा से कम नहीं है धर्म के मार्ग पर चलकर हम उच्चतम शिखर पर पहुंच सकते हैं भक्ति का मार्ग हमेशा अनुशासन सिखाती है। वरिष्ठ साहित्यकार नूतन साहू ने कहा कि रामायण सीधे प्रभु श्री रामचंद्र जी से जोड़ती है इनके एक-एक शब्द मंत्र के समान है प्रतिदिन पठन घर परिवार में सुख समृद्धि एवं शांति का माहौल बनाती है। भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष सोम प्रकाश साहू ने कहा कि चौबेबांधा में पिछले 40, 50 वर्षों से रामायण सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इतने लंबे समय तक रामायण का कार्यक्रम कराना अपने आप में इतिहास बनाता है। उन्होंने रामायण के महत्व को प्रतिपादित किया।
रामायण सुनने से परस्पर प्रेम बढ़ता है: महाडिक, रामायण सम्मेलन में पहुंचे जनपद पंचायत फिंगेश्वर के पूर्व अध्यक्ष राघोबा महाडिक ने कहा कि रामायण सुनने से परस्पर प्रेम बढ़ता है यह न सिर्फ सकारात्मक सोच को विकसित करते हैं बल्कि उनके साथ साथ जीवन के हर पहलू को बदल कर रख देते हैं। पिछले 49 सालों में मुझे पहली बार बुलाया गया है और आप सभी लोगों के प्रेम और स्नेह को देखकर मैं हर साल आने की इच्छा रखता हूं। मौके पर सुनील देवांगन, टीआर धनकर, सेवक श्रीवास, यशवंत सोनकर, नकछेड़ा साहू इत्यादि उपस्थित थे सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। बाली बाल से तथा सुग्रीव सूर्य से आए, सुबह 11:00 बजे से रामायण मंडली शुरू हो गए प्रथम मंच के रूप में जय चंडी महिला मानस परिवार सिंगदेही, दाई के दुलार मानस परिवार कन्हारपुरी बालोद के बचाकर बंटी गोपाल कुंभज ने कहा कि बालिका जन्म बाल से हुआ है तथा सुग्रीव सूर्य से दुनिया में आए हैं प्रभु श्री रामचंद्र जी जब आए तो अपने साथ में देवता गन अलग-अलग रूप में आए और भगवान का साथ देते रहे। उनके कौतुक को देखकर सभी बहुत ही प्रसन्न हुए। जय मां दंतेश्वरी छत्तीसगढ़ी पंडवानी पार्टी छछान पहाड़ी, सोन चिरैया मानस परिवार लामीडीह पिथौरा महासमुंद, शिवम मानस परिवार सोनदादर बागबाहरा की प्रस्तुति समाचार लिखे जाने तक हो गई थी। कार्यक्रम का संचालन कवि संतोष कुमार सोनकर, मनोज सेन, रवि पाल, गणेश साहू ने किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्राम वासी उपस्थित होकर कथारास का अपमान कर रहे थे।
