नव रत्न कंपनी एन एम डी सी के काम से जनता असंतुष्ट ।

किरंदुल / रणवीर सिंह चौहान

किरंदुल :- नवरत्न कम्पनी बी आई ओ एम किरंदुल कॉम्प्लेक्स एवम बचेली कॉम्प्लेक्स का नाम तो बहुत बड़ा है, प्रति वर्ष करोड़ो रुपए क्षेत्रीय विकास के लिए राजस्व देने वाली उक्त कंपनी यहां निवासरत शिक्षको एवं आम जनता क साधारण चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराने में असमर्थ है।

उन व्यापारियों को कभी जिनको एनएमडीसी ने अनुनय विनय करके नगर में बसाया था अब उन्हीं से छोटे मोटे इलाज के लिए पैसे की वसूली करती नजर आती है यहां तक की जब कोई गरीब कमजोर व्यापारी पैसे जमा नहीं कर पाता है तो उसे अपमानित कर परियोजना चिकित्सालय से भगा दिया जाता है।

यहां तक की स्थानीय आदिवासियो को इलाज के नाम पर कुछ बिना असरकारक गोलियां पकड़ा कर रवाना कर दिया जाता है क्षेत्र के बाहर के आदिवासियों को प्रमाणित करना पड़ता है की वो आदिवासी हैं, यह तो केवल परियोजना चिकित्सालय की बात है, सफेद हाथी की तरह पल रहे यहां का सिविल विभाग कमीशन खोरी के आलावा और किसी बात पर गंभीर नहीं है रोड की यह हालत है।

की जहां से जानवर भी रोड पार नहीं कर सकते है वहां से स्कूल के बच्चे जान पर खेलकर रास्ता पार करते हैं मां बाप भी हर दिन शुक्र मनाते हैं की उनके बच्चे आज सकुशल घर पहुंच गए हैं जगह जगह कचरो के ढेर जो बीमारियों का प्रमुख जड़ है एक अलग ही कहानी प्रस्तुत करते हैं एनएमडीसी कॉम्प्लेक्स की रोड पर बेजा कब्जा एनएमडीसी के अधिकारियों के कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। सिविल विभाग के लोग तो केवल कमीशन पर ही केंद्रित रहते हैं लगता है यहां की यूनियन के पदाधिकारी भी अज्ञात कारणों से खामोशी की चादर ओड कर गहरी निद्रा में है कुछ तो है जो छुपा हुआ है।