छत्तीसगढ़ में आज फिर ईडी ने की छापेमारी।

रायपुर :- ईडी की छापामार कार्यवाही एक विधायक और बड़े उद्योग समूह के मालिक कमल सारडा समेत कई अन्य लोग ईडी की तफ्तीश में हैं। मंदिर हसौद के पास बहनाकाड़ी गांव के जमीन दलाल और वीआईपी करिश्मा अपार्टमेंट में सीए प्रतीक जैन के यहां भी ईडी की जांच जारी है। गोरे परिसर स्थित कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के दफ्तर में भी जांच की खबर मिली है। आपको बता दें कि आज सुबह से ही विधायक समेत बाकी और लोगों के निवास के बाहर सीआरपीएफ की फोर्स को जांच करने आए अधिकारियों को सुरक्षा देते देखा गया। जिनमें महिला और पुरुष दोनों ही अधिकारी शामिल हैं हालांकि ईडी की तरफ से छापेमारी की जानकारी नहीं मिली है मगर सुबह से ही टीम कार्रवाई के लिए पहुंची हुई है और जितने भी ठिकानों पर दबिश दी गई है वहां दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले को कोल कारोबार में हुई मनी लॉन्ड्रिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले ईडी ने कई कांग्रेस नेताओं और उससे पहले अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी। पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष सन्त्री अग्रवाल, विधायक देवेंद्र यादव, प्रवक्ता आरपी सिंह और विनोद तिवारी के यहां ईडी की कार्रवाई हुई थी। जांच एजेंसी ने बताया था कि छत्तीसगढ़ में ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले हर टन कोयले पर 25 रुपए की अवैध वसूली की गई थी। इसमें राजनेता, सरकारी अफसर और व्यापारी शामिल थे | ईडी के मुताबिक वर्ष 2021 में 500 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की गई थी। अक्टूबर 2022 में भी ईडी ने इस घोटाले के सिलसिले में 40 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान 4 करोड़ कैश, करोड़ों की संपत्ति और दस्तावेज बरामद किए गए थे। इस मामले में एक आईएएस और 9 कारोबारी जेल में बंद हैं। 13 अक्टूबर 2022 को छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी – चिप्स के सीईओ समीर विश्नोई, कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल और लक्ष्मीकांत तिवारी को गिरफ्तार किया था। 29 अक्टूबर को कारोबारी सूर्यकांत तिवारी ने अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद दो खनिज अफसरों समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।