कांकेर :- कांकेर जिला NSUI के अध्यक्ष सुमित राय के नेतृत्व में घड़ी चौक कांकेर में मोदी सरकार द्वारा देश की आवाज राहुल गाँधी के खिलाफ रचे जा रहे राजनीतिक षड्यंत्रों के विरुद्ध में और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी को सजा सुनाई जाने के साथ-साथ सांसद की सदस्यता समाप्त करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला दहन किया गया, NSUI जिला अध्यक्ष सुमित राय ने कहा, राहुल गांधी जी की लोकसभा सदस्य्ता रद्द करने पर केंद्र सरकार को आड़े हांथ लिया है और भाजपा की सरकार को जमकर घेरा। लोकसभा से राहुल गांधी का निष्कासन चौंकाने वाला है लेकिन सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नही। देश बहुत कठिन दौर से गुज़र रहा है। राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करना एक कायराना हरकत और एक डरी हुई सरकार की निशानी है। उन्होंने कहा कि पार्टियों के आपस के रिश्ते महत्वपूर्ण नही है देश को बचाना महत्वपूर्ण है। यह लड़ाई राहुल गांधी और कांग्रेस की लड़ाई नहीं है। यह एक तानाशाह सरकार से देश को बचाने की लड़ाई है।सुमित राय ने भाजपा और मोदी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा-इन लोगों ने पूरे देश को डरा कर रखा हुआ है। देश के अंदर जो चल रहा है, वो बहुत ही खतरनाक है। ये लोग पूरे विपक्ष को खत्म कर वन-नेशन वन- पार्टी का माहौल बनाना चाहते हैं। इसी को तानाशाही कहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की शिक्षा पर भी सवाल उठाया और उन्हें अहंकारी भी बताया। पूरे देश को इन्होंने डरा कर रखा हुआ है।
भाजपा की मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है तब से ED , सीबीआई ,आईटी जैसी सरकारी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा के लोग बहुत खतरनाक हैं। इनसे बचकर रहना। अगला नंबर आपका हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई जेल जाने से डरता हो तो कांग्रेस पार्टी छोड़ देना। जेल जाने को तैयार रहो। ये सबको जेल में डालेंगे। उन्होंने कहा, ‘इस परिवार ने भारत की जनता की आवाज उठाई है और सच्चाई के लिए लड़ाई लड़ी है। जिसमें मुख्य रुप से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस शिवांकित श्रीवास्तव, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष खोमेंद्र वीके, युवा कांग्रेस जिला महासचिव राजू दुबे, विनय ठाकुर, एनएसयूआई के जिला महासचिव हर्ष राज ठाकुर, नरन्तक भास्कर, जिला सचिव मयंक साहू, युवराज कुमेटी, नवीन साहू, ब्लॉक उपाध्यक्ष आकाश मरकाम, अजय दर्रो, प्रजवाल साहू, रिंकू पोटाई, एवं एनएसयूआई के अन्य साथी उपस्थित रहे।
