रसिक श्रोताओं की उपस्थिति में देर रात तक चला होली कवि सम्मेलन ।

कामां :- होली के अवसर पर भवानी शंकर मंदिर चौक पर बब्बू डेरी वाले, श्याम खंडेलवाल के मुख्य आतिथ्य एवं गोपाल प्रसाद डेरी वाले, रामचंद्र चक्की वाले, जय सिंह ठाकर के विशिष्ट आतिथ्य में एक शानदार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें वाह भाई वाह फेम कवि डी के जैन मित्तल, कवि कैलाश सोनी स्वर्णिम, पंकज प्रखर, पवन नीरज और राहुल खंडेलवाल ने अपनी कविता शायरी के माध्यम से होली के रंग बिखेरे। सर्वप्रथम मां सरस्वती की वन्दना कैलाश स्वर्णिम के द्वारा की गई, तत्पश्चात सभी अतिथियों और कवियों का फेंटा उत्तरीय के द्वारा सम्मान किया गया। कवि पवन नीरज ने “काहे भैया ले ली मैने एजुकेट लुगाई” हास्य गीत सुनाकर सभी को गुदगुदाया। वाह भाई वाह फेम कवि डी के जैन मित्तल ने “देख ले पड़ोसन से मुझे कभी बतियाते शादीशुदा जिंदगी हराम कर देती है” हास्य के छंदों के साथ साथ अपनी शायरी सुनाकर वहां उपस्थित एक एक श्रोता को हंसा हंसाकर ताली बजाने पर मजबूर कर दिया और वंस मोर वंस मोर के साथ बंसी वारे की जय के जयकारों से पूरा प्रांगण गूंज उठा। गिर्राज सोनीजी ने भी अतरिक्त स्नेह प्रदान किया। राहुल खंडेलवाल ने अपनी हास्य व्यंग कविता से भ्रूण हत्या पर प्रहार किया। उसके बाद कवि कैलाश स्वर्णिम ने “अपने दिल में तू तहेदिल से बसा ले मुझको, किसने दम है जो तेरे दिल से निकाले मुझको” सुनाकर अपने छंदों और गजल के माध्यम से जोरदार रंग जमाया। अंत में कवि सम्मेलन का संचालन कर रहे पंकज पाराशर प्रखर ने “सैयां मोबाइल दिला दे मोकू आई लव यू” मेवाती भाषा में हास्य गीत सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी।अंत में कवि कैलाश सोनी ने सभी का आभार व्यक्त किया। सभी अतिथियों और श्रोताओं ने कवि सम्मेलन को बहुत ही शानदार बताया।