
फिंगेश्वर :- अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन लाल साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार का “अंतिम बजट” माननीय मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत किया,यह बजट आगामी चुनाव को मद्देनजर रखते हुए”तुष्टिकरण नीति”पर आधारित रहा। चुनावी लाभ लेने सभी वर्गो को लालीपॉप देने के चक्कर में “किसानो”को किए वायदे भूल गए। कांग्रेस ने 2018 के विधान सभा चुनाव में घोषणा किया था कि “पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा किसानों का दो साल का” बकाया बोनस”सत्ता में आने पर देंगे, किंतु अपने अंतिम बजट पर भी इस पर कोई प्रावधान नही कर पाया। ये बात किसानो को समझ आ गया कि ये दोनो प्रमुख पार्टी “किसानो आम जनता की भावनाओ से खेलने वाली पार्टी है, भाजपा और कांग्रेस की नीतियां केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली है, छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद सर्वाधिक नुकसान किसानो का हुआ है, मैदानी इलाकों के गावों में कास्तकारी करने वाले किसानो का लगभग 15 से 20 फीसदी खेत बिक चुका है। किसानो का आय बढ़ता तो उन्हें अपना जमीन क्यों बेचना पढ़ता। इतने गंभीर विषय पर प्रमुख विपक्षी दल भाजपा भी गंभीर नहीं है, आखिर गंभीर होगा भी कैसे 15 साल तक लूटने की छूट ये भी दे रखा। चिटफंड कंपनियों व डॉल्फिन स्कूल जैसे प्राइवेट संस्थानों ने खूब लूटा, भाजपा और कांग्रेस दोनो ही पार्टियां छत्तीसग़ढ में किसानों की बदहाली के लिए जिम्मेदार है।
