सोमवार को रात्रि 2:00 से 3:00 के मध्य जला राजिम में होली।

 

राजिम। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में होली जलने एवं रंग उत्सव मनाने के तिथि को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई थी। चर्चा चल रही थी कि होली जलने की तिथि सोमवार को है तो कोई मंगलवार को बता रहे थे। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए श्रीराजीवलोचन मंदिर ट्रस्ट कमेटी के पुरोहित पंडित विजय शर्मा, मंदिर के सर्वराकार चंद्रभान सिंह ठाकुर, व्यवस्थापक पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि 6 मार्च दिन सोमवार को भगवान राजीवलोचन की दैनिक पूजा के पश्चात संध्या 5:00 बजे होलिका सूतक के कारण मंदिर का पट बंद किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट के द्वारा मुख्य होलिका दहन पूजन रात्रि 2:00 से 3:00 के मध्य संपन्न होगा तथा 7 मार्च दिन मंगलवार को होली रंग उत्सव पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा जिसमें श्रीराजीवलोचन मंदिर प्रांगण में दोपहर 3:00 बजे से लेकर रात्रि 9:00 बजे तक आसपास के लोगों द्वारा बड़ी ही श्रद्धा भाव के साथ मंदिर में होली खेलने के लिए उपस्थित होंगे। पंडित जी ने आगे बताया कि 6 और 7 मार्च को होली का पर्व रायपुर, काशी, वृंदावन, उज्जैन, रतनपुर, डोंगरगढ़ इत्यादि प्रमुख स्थानों पर मनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि भगवान राजीवलोचन मंदिर में मनाए जाने वाले तिथि के अनुसार ही शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में पर्व को मनाया जाता है लेकिन इस बार दो तिथि पर होली पर्व मनाए जाने की खबर ने लोगों को परेशान करके रख दिया है। पंडित बाबूलाल चतुर्वेदी भुवन विजय हिंदी पंचांग में मंगलवार 7 तारीख को होलिका दहन तथा 8 मार्च दिन बुधवार को धुलेंडी का पर्व बताया गया है। अब राजीव लोचन मंदिर में तिथि क्लियर हो जाने के बाद लोग उसके आधार पर तैयारियां कर रहे हैं। क्षेत्र के ही कुछ गांव में 7 तारीख को होली जलने और 8 तारीख को फगुआ खेलने के लिए मुनादी करा दी गई है। इन गांव में मुनादी के अनुसार बनेगा या फिर मंदिर के अनुसार त्यौहार मनाया जाएगा समय आने पर तिथि स्पष्ट होगी।

राजीवलोचन मंदिर में बरसाने की होली

भगवान राजीव लोचन मंदिर में जिस तरह से देश के प्रसिद्ध कृष्ण की नगरी वृंदावन, बरसाने एवं मथुरा में होलिका उत्सव की धूम रहती है। उसी भांति राजिम में भी भगवान राजीवलोचन के साथ में होली खेलने का अपना अलग उत्साह देखा जाता है। युवक-युवतियों से लेकर बच्चे एवं उम्र दराज लोग भी बड़ी संख्या में इस दिन राजीवलोचन मंदिर प्रांगण में पहुंचते हैं। भगवान के साथ गुलाल लगाकर भाईचारा में मदमस्त हो जाते हैं। इस दिन भगवान राजीव लोचन मंदिर में भगवान के साथ होली खेलने के लिए सांसद, विधायक, जिला पंचायत, सदस्य जनपद सदस्य, पंच, सरपंच सहित बड़ी संख्या में राजनेता एवं मंत्री भी पहुंचते हैं और भगवान के साथ होली खेलने का अपना अलग आनंद उठाते हैं। इस दिन का उत्साह देखते ही बनता है जब भगवान राजीवलोचन होली खेलने के लिए गर्भगृह से निकलकर महामंडप में पहुंचते हैं और फिर सिढ़ी से होते हुए भक्तों के बीच भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़ते हैं। जैसे ही भगवान आम भक्तों के साथ होली खेलते हैं उसके बाद तो होलियाना माहौल एकदम स बदल जाता है। एक और रंगों का छिड़काव होता है तो दूसरी ओर नगाड़े की थाप पर लोग झूमते रहते हैं।