पूर्व सांसद साहू के जन्मदिन पर चढ़ा चुनावी रंग।

रिपोर्टर संतोष सोनकर

राजिम :- विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तारीखें ज्यो ज्यो नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे चुनाव का चटपटा रंग नेताओं पर सर चढ़कर बोल रही है। गत दिनों पूर्व सांसद एवं पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंदूलाल साहू के जन्मदिन पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। बता देना जरूरी है पूर्व वर्ष महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद चंदूलाल साहू अपना जन्मदिन राजिम में ही मनाए थे लेकिन इस बार शहर से 25 किलोमीटर दूर पांडुका स्थित सिरकट्टी आश्रम में मनाया। एक मई को गरियाबंद, धमतरी महासमुंद रायपुर जिला के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में चतुर्भुज आश्रम सिरकट्टी पहुंचे और उपहार देते रहे। मौके की नजाकत को देखते हुए पत्रकार से लेकर आम कार्यकर्ता, कलाकार, कवि सबको उन्होंने मंच से ही वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। शानदार भोजन की व्यवस्था रखी गई। जो भी गया भूरी भूरी प्रशंसा करता रहा। राजनीतिक गलियारों में नए-नए प्रश्न खड़े हो रहे हैं। शायद चुनाव की तारीखें नजदीक आने के कारण चुनावी चटपटा रंग चढ़ना शुरू हो गया है।

राजनीति के जानकार इस जन्मदिन को कुछ अलग ही नजरिए से देख रहे है। कहना होगा कि चंदूलाल साहू का राजनीतिक कैरियर अत्यंत समृद्ध रहा है उन्होंने भाजपा से पहली बार विधानसभा के चुनाव लड़े और सन् 2003 में प्रदेश के प्रथम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अमितेश शुक्ला को शिकस्त दे दी। बराबर 5 साल तक विधायक रहकर जनता की सेवा करने का सौभाग्य मिला। इस दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी रही। सन् 2008 में विधायक से इनकी टिकट काट दी गई तथा सन् 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने दिल्ली से नाम तय हुआ और उन्होंने लोकसभा चुनाव भी जीत ली। उसके बाद सन् 2014 में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को हराकर फिर से दिल्ली दरबार के लिए महासमुंद लोकसभा क्षेत्र को भाजपा का गढ़ बना दिया। तब से लेकर आज तक लगातार भाजपा महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से जीत रही है। श्री साहू के राजनीतिक जीवन हमेशा उज्जवल रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट न देकर पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया गया। अपने जीवन काल में इन्होंने एक भी चुनाव नहीं हारे हैं। चुनाव के ऐन वक्त पहले जन्मदिन पर कार्यकर्ताओं का हुजूम क्या इंगित करता है। लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं परंतु हकीकत क्या हो सकती है यह तो समय ही बताएगा। यह भी बताना जरूरी हो जाता है कि चंदूलाल साहू के लोकसभा क्षेत्र के दूसरे कार्यकाल के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की चर्चा भी चल रही थी लेकिन नहीं बन पाए। अब उन्होंने लगातार 4 से 5 साल तक इंतजार कर पार्टी और जनता की सेवा में हाथ बंटाए हैं। उनके जन्मदिन मनाने के तरीके पूरे लोकसभा क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है। उन्होंने पूरे समय तक बैठकर कवि सम्मेलन सुना। गौमाता को खिचड़ी खिलाया परिवार सहित राम जानकी की पूजा अर्चना की। सरल एवं सादगी पूर्ण व्यवहार ने इन्हें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया है। वह छोटे कार्यकर्ता से लेकर हर वर्ग के लोगों से बातचीत करना इन्हें लोकप्रिय बनाते हैं।