राजिम :- डाॅ मुन्ना लाल देवदास द्वारा रचित छत्तीसगढ़ का प्रथम ऐतिहासिक हिन्दी भजन ” कौशल्या जन्मभूमि छत्तीसगढ़ ” भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा के आवाज में टी सीरीज मुंबई से और ”अंतर्राष्ट्रीय संत महर्षि महेश योगी जन्मभूमि पाण्डुका ” पुस्तक का विमोचन छत्तीसगढी़ प्रांतीय साहित्य सम्मेलन रायपुर में हुआ। यह गर्व की बात है कि राष्ट्रपति पुरस्कृत सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक एवं दादा साहब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म अवार्डी गीतकार डाॅ मुन्ना लाल देवदास ने 104 साल पहले की सत्य घटना को पुस्तक में पिरोकर इलाहाबाद से प्रकाशित करवाया है। जिसमें पाण्डुका में एक किराए के घर में जन्म लेने वाले बालक महेश प्रसाद कैसे अंतर्राष्ट्रीय संत महर्षि महेश योगी बनकर विश्व में ख्याति प्राप्त किए ? कैसे विदेशों में राम नाम की मुद्रा चलाने में सफल हुए ? इसमें अनेक रोचक एवं ज्ञानवर्धक बिन्दुओं का उल्लेख किया गया है। जो आगामी संतति के लिए अनमोल धरोहर साबित होगी। उसी प्रकार कौशल्या जन्मभूमि छत्तीसगढ़, भजन को अनूप जलोटा अपनी अनूठी आवाज देकर छत्तीसगढ़ की गरिमा को विश्व पटल पर पहुंचा रहे हैं, जिसमें टी सीरीज मुंबई का योगदान सोने में सुहागा जैसी है। आगे बताना चाहेंगे कि 24 वाँ छत्तीसगढी़ साहित्य सम्मेलन एवं स्मृति सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डाॅ केशरी लाल वर्मा, विशेष अतिथि डाॅ जे आर सोनी संरक्षक एवं पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढी़ साहित्य समिति, डॉक्टर बिहारी लाल साहू सेवानिवृत्त प्राचार्य रायगढ़, डॉ परदेशी राम वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार, डाॅ रामकुमार बेहार से. नि. प्राचार्य, मीर अली मीर, डॉ सरला शर्मा व्याख्याता भिलाई, डॉक्टर सुधीर शर्मा सहायक प्राध्यापक भिलाई आदि थे। इस सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ के कला, संस्कृति, गीत, साहित्य एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ जनों को स्मृति सम्मान से नवाजा गया। जिसमें हरि ठाकुर सम्मान-सीताराम साहू श्याम को, सुशील यदु सम्मान बंधु राजेश्वर खरे को, डॉ बलदेव साहू सम्मान डॉ देवधर महंत को, केयूर भूषण सम्मान चंद्रहास साहू को, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान एमडी मानिकपुरी और देवकांत यदु , मिथलेश साहू सम्मान सावित्री कहार और प्रमिला रात्रे, राकेश सोनी स्मृति सम्मान ओम त्रिपाठी फिल्म कलाकार, हेमनाथ यदु स्मृति सम्मान रामेश्वर शर्मा, शिव कुमार यदु स्मृति सम्मान रसिक बिहारी अवधिया, डॉ निरुपमा शर्मा स्मृति सम्मान वसंती वर्मा, पंडित अमृतलाल दुबे स्मृति सम्मान राजेंद्र कुमार पांडे को प्रदान किया गया। अंतिम सत्र में काव्य पाठ हुआ। संचालन राजेश कुमार मानस एवं बलराम चंद्राकर ने किया। छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति के अध्यक्ष कान्हा कौशिक ने दूधाधारी सत्संग भवन रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ और नवोदित साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया।
