रजिस्ट्रार की सूची में नारको को-ऑर्डिनेशन, सड़क सुरक्षा, नशामुक्ति एवं नवीन संस्थानों के एसोसिएटेड पर समन्वय बैठक की समीक्षा शामिल है

दोपहिया वाहन से बेचने वाले, सबसे पहले, समय-समय पर उपयोग करें: निवेशक

नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करें, किशोरों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता जागरूकता: पुलिस अधीक्षक

ट्रैफिक पुलिस, व्यवस्था में पुलिस के सहयोग के लिए आर्किटेक्ट को प्रमाण पत्र निर्धारित किया गया है.

धमतरी – आज नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी), सड़क सुरक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान और नवीन विद्यार्थियों के मित्र को लेकर समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नियुक्त किए गए नियुक्तकर्ता श्री अविनाश मिश्रा ने की। बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों की समीक्षा करते हुए आगामी नवीनीकृत पर चर्चा की गई।

सिद्धांत की परिभाषा विकसित करें अधिकारी-कर्मचारी

कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने सड़क की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए कहा कि दोपहिया वाहनों से कार्यालय आने-जाने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने वरिष्ठ रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि सभी विभागों के प्रमुखों के माध्यम से अधिकारी-कर्मचारियों को इस संबंध में समझाइश दी जाए, ताकि समानार्थी उनकी नियमित आदत बने। उन्होंने कहा कि सभी इकाइयों के अधिकारी स्वयं पहले आएं, ताकि दस्तावेजों को प्रभावी ढंग से स्थापित किया जा सके। इस अवसर पर ट्रैफिक पुलिस, धमतरी शहर में ट्रैफिक पुलिस के सहयोग के लिए एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) स्काउट गाइड और एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) में सक्रिय भूमिका निभाने वाले बच्चों और समाज सेवी संस्थाओं के लोगों को प्रमाण पत्र दिया गया है।

रजिस्ट्रार ने वैयक्तिकृत एवं निजी पुस्तकालयों में डोपहिया एसोसिएशन से आने वाले छात्रों के लिए वेल्क्रो का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए संबंधित असोसिएट्स के कार्यशालाओं की जिम्मेदारी तय की गई है। उन्होंने सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों को अपने विदेशी के सामने प्रासंगिक उपयोग संबंधी सूचना को चित्रित किया और मोटरयान अधिनियम के पेशेवरों के खिलाफ उल्लंघन करने वालों के अनुसार कार्यवाही करने को कहा।

उन्होंने परिवहन जिला अधिकारी को शहर के अंदर कब्रिस्तान स्पीड कैमरे और 30-40 गति सीमा के संकेत बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोड़ों को एकजुट होकर काम करने और सड़क पर रोक लगाने और नशे के खिलाफ कदम उठाने के निर्देश दिए।

ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर रोकने के उपाय करें

कलेक्टर ने जिले में सड़क जोड़ों के प्रमुख, दुर्घटनाग्रस्त स्थान और सड़क सुरक्षा के लिए प्रयास की समीक्षा की। उन्होंने रात में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, गति सीमा सापेक्ष आर्किटेक्चर, रंबल स्ट्रिप, कैमरे और रोड मार्किंग व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए। परिवहन, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित संबंधित संयुक्त टीम द्वारा सभी ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण करने और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य सड़कों और स्थानीय द्वीपों पर समुद्र तट की रोकथाम के लिए खुले में यात्रा करने वालों की समस्या पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बंधकों को छुड़ाने वाले को बंधक बनाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। कंपनी अधिकारियों को सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से अलग किए गए ठेले-गुमटियों और सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

दुर्घटना को समय पर उपचार उपलब्ध जोर पर

कलेक्टर ने भारत सरकार की निजी राहत (पीएम-राहत) योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी दुर्घटना में पीड़ित के उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने योजना से संबंधित आवेदकों की सिफारिशों को लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा, संबंधित स्तर पर पहले की जरूरत है।

कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने जिला परिवहन अधिकारी को शहर के निरीक्षण स्थल पर स्पीड कैमरे स्थापित करने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा दर्शन करने वाले प्रवेश बोर्ड के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर-धमतरी मार्ग भखारा क्षेत्र से रवाना होने वाले भारी सामान और ट्रकों के लिए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक की समय सीमा की पूर्णता का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और प्रतिबंधित एसोसिएटेड सूचना बोर्ड को पुनः स्थापित करने को कहा, ताकि व्यवस्था व्यवस्था सुचारु रहे और सड़क उपभोक्ताओं की रोकथाम की जा सके।

नशे के अवैध व्यापार पर प्रभावी कार्रवाई करें

शिक्षक श्री मिश्रा ने युवाओं में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की लत युवाओं के भविष्य और समाज के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने नशीले पदार्थों, अवैध बिक्री और प्रतिबंधित पदार्थों से जुड़े अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और नशा मुक्ति के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।

पुलिस अधीक्षक ने दी जागरूकता और सख्त कार्रवाई

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडे ने कहा कि सड़क आपूर्ति में कमी के लिए इलेक्ट्रिक विद्यार्थियों का पालन, अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और वाहन में समय-समय पर सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या परिवहन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से किशोरों और छात्रों को पुस्तकालयाध्यक्षों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा जाना चाहिए।

पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता के आधार पर नशीले पदार्थों की रोकथाम और अवैध कारोबार के खिलाफ सतत निगरानी रखी। उन्होंने कहा कि नशे को रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई में सामाजिक जागरुकता, परिवार के सदस्यों और अनुयायियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने एसोसिएटेड कोलैटिनेशन के साथ काम करने और टॉयलेट पर तत्काल सुनिश्चित कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया।

बैठक में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर के तहत नशे की रोकथाम, नशा की रोकथाम, गैरकानूनी खेती, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता और संबंधित गतिविधियों की समीक्षा भी की गई।

नवीन व्युत्पत्ति के विशेषज्ञ की समीक्षा

इसमें रिन्यूअल क्रिमिनल फैक्ट्रियों के प्रभावशाली इलेक्ट्रानिक की भी समीक्षा की गई है। रजिस्ट्रार एवं पुलिस अधीक्षक ने नए विभागों के कर्मचारियों और आम नागरिकों से संबंधित पदों पर जोर दिया।

इस अवसर पर सीएसपी श्री अभिषेक चौधरी, अपर रजिस्ट्रार श्रीमती इंडिरा देवहारी, निजी कार्मिक चिकित्सक, ऑटो एवं ई-रिक्शा सहित विभिन्न परिवहन संघों के प्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारी और सामाजिक कार्मिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।