कोयलीबेड़ा में पहली बार सोनोग्राफी सुविधा, तटीय क्षेत्र की महिलाओं को मिली बड़ी राहत

बौद्ध मठ से लंबे समय तक प्रभावित क्षेत्र में कलेक्टर कुन्दन कुमार के नवप्रवर्तन से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनी

 कांकेर – कोयलीबेड़ा जैसे लंबे समय से प्रभावित और दुर्गम क्षेत्र में अब स्वास्थ्य लाभ की पहुंच लगातार बढ़ रही है। कलेक्टर  कुन्दन कुमार की अभिनव पहल के तहत सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जिला नेशनल सेवा सेतु सह मेगा स्वास्थ्य शिविर में पहली बार सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। इस क्षेत्र के रिवॉल्वर, कांकेर या अन्य आरक्षित स्थानों तक जाने के लिए राइफल महिलाओं को आवश्यक जांच के लिए परेशानी से राहत मिली।

कोयलीबेड़ा विकासखंड मुख्यालय में इस शिविर का आयोजन बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र और सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में किया गया। शिविर में कुल 1040 लोग शामिल हुए। इनमें 41 लोगों की सोनोग्राफी, 120 लोगों की एक्स-रे और 225 लोगों की रक्त जांच की गई। विशेषज्ञ ने भर्ती की जांच कर निःशुल्क परामर्श एवं उपचार भी प्रदान किया।

ग्राम सुलांगी निवासी दासी मेघारे पोटाई के लिए शिविर में उपलब्ध कराई गई सोनोग्राफी की सुविधा विशेष राहत लेकर आई। उन्होंने बताया कि उनकी पिछली चार गर्भावस्थाओं के दौरान सोनोग्राफी के लिए उन्हें कोयलीबेड़ा से बाहर दिखाया गया था। इस बार शिविर में सोनोग्राफी की सुविधा मिलने से उन्हें दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में यह सुविधा उपलब्ध होने से महिलाओं को काफी सहूलियत हुई है।

इसी तरह कोयलीबेड़ा निवासी श्रीमती हस्तिना नाग ने भी कैंप में अपनी सोनोग्राफी कराई। उन्होंने बताया कि सोनोग्राफी के लिए उन्हें कांकेर जाने की जरूरत नहीं है और कैंप में ही उनकी जांच हो गई। जिससे उनका आना शहर-जाने का खर्चा और समय बचा।

लंबे समय तक कोयलीबेड़ा क्षेत्र में प्रभावित रहने वाले कोयलीबेड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, राजस्व, खाद्य, कृषि, समाज कल्याण सहित विभिन्न सहायक सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया है।

शिविर में 135 हितग्राहियों को जांच के बाद मुफ्त पैकेज, 55 लोगों को सांप्रदायिक पत्र एसोसिएटेड बिजनेस और 28 लोगों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया गया। वहीं 8 लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया और जनभागीदारी के तहत 34 लोगों ने प्रशिक्षण लिया, जिसमें 18 लोगों को शामिल किया गया।

कभी-कभी निजीकरण के कारण विकास एवं सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिलता रहता है। कोयलीबेड़ा में पहली बार उपलब्ध कराई गई सोनोग्राफी सुविधा समान परिवेश का महत्वपूर्ण उदाहरण है। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला प्रशासन की दिशा में सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया।