एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से दुर्व्यवहार : सीएम साय ने बीजापुर कलेक्टर-एसपी को दिए कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स से कहा है कि, छात्राओं के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिसमें वे बिना किसी भय और संकोच के अपनी बात रख सके

बीजापुर मामले में सीएम साय ने कलेक्टर-एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए

बीजापुर – जिले के रूद्रारम के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में बालिकाओं के साथ यौन दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक देवेंद्र दहिया पर दो साल से छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और उन्हें परेशान करने का आरोप लगा है। छात्राओं ने अपने परिजनों को बताया उसके बाद खुलासा हुआ। हरिभूमि में इस आशय की खबर प्रकाशित होने के बाद सीएम साय ने इस पर संज्ञान लिया है।

सीएम साय ने बीजापुर कलेक्टर-एसपी को लगाया फोन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।डिजिटल भुगतान

सात छात्राओं ने की शिकायत

फिलहाल सात छात्राओं की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत में छात्राओं और पालकों के हस्ताक्षर हैं। गौरतलब है कि इस कन्या आवासीय विद्यालय में छटवीं से लेकर बारहवीं तक वर्तमान में 341 छात्राएं अध्ययनरत है। मिली जानकारी के मुताबिक शिकायत करने वाली छात्राएं कक्षा 9वीं की हैं।

प्राचार्या पर मामला दबाने का आरोप

पालकों ने शिकायत में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि छात्राओं की ओर से मामले की जानकारी प्राचार्या को दिए जाने के बाद भी इसे गंभीरता से लेने की बजाय दबाने का प्रयास किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि छात्राओं को आश्रम से निकालने तक की बात कही गई थी। पालकों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले छात्राओं की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले व्यवहार की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की है।

बच्चों की सुरक्षा- गरिमा से समझौता स्वीकार नहीं : सीएम साय

इधर रविवार को मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा है कि, बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आवासीय विद्यालय विद्यार्थियों के घर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।

बालिका छात्रावासों, आश्रमों, आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण हो

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि, जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।

हरसंभव मदद उपलब्ध कराएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीड़ित छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।

लापरवाही बरतने वाले बख्शे नहीं जाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।