घर बैठे आवेदन, समय पर प्रमाण पत्र-‘सेवा सेतु’ ने सबसे आसान काम किया

डिजिटल सुशासन की पहली से सरकारी सहकारी समितियां, बंधक और नागरिक-दर्शक

धमतरी – सरकारी साइबेरियाई तक ऑनलाइन, आवेदन जमा करना, दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करना और प्रमाण पत्र मिलना तक बार-बार जानकारी लेना-ग्रामीण लोगों के लोगों के लिए यह प्रक्रिया लगातार समय और श्रम दोनों मांगती रहती है। विशेष रूप से दूर-दराज के इलाके में रहने वाले लोगों के लिए एक छोटे से काम के लिए कार्यालय तक अतिरिक्त खर्च और परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सेवा सेतु’ पहल ने डिजिटल माध्यम से जनता और करीबियों को सेवाएं देने का काम किया है।

धमतरी जिले के ग्राम सिरी निवासी पूजा एवं किरण के लिए भी एक आवश्यक आवश्यक कार्य हेतु सचिवालय प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ था। पहले ऐसी सेवाओं के लिए संबंधित कार्यालय तक जाएं, आवेदन जमा करें और प्रक्रिया की जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क बनाए रखें। लेकिन ‘सेवा सेतु’ ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बना दिया।

पूजा और किरण ने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया, आवश्यक दस्तावेज डिजिटल माध्यम से अपलोड किए गए और आवेदन की स्थिति की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त की गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन पत्र दाखिल करने के बाद उन्हें सचिवालय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें बार-बार सचिवालय कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं बताई गई।

प्रमाण पत्र की बैठक के बाद पूजा और किरण ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि डिजिटल माध्यम से आवेदन करना उनके लिए बेहद जरूरी है। उन्हें आवेदन जमा करने से लेकर उनकी स्थिति देखने तक के लिए कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ा। इससे उनका समय और आने-जाने का खर्च दोनों बचा।

प्रौद्योगिकी बनी सुविधा, सुविधा बनी राहत

‘सेवा सेतु’ की सफलता केवल ऑफ़लाइन आवेदन की सुविधा तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक प्रभाव उस समय दिखाई देता है, जब किसी ग्रामीण नागरिक को अपने आवश्यक दस्तावेजों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। घर बैठे आवेदन, दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा, आवेदन की स्थिति की जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त होना-ये सभी आवेदकों के लिए धार्मिक सेवाओं को अधिक सहज बनाया जा रहा है।

डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया में प्लास्टिसिन और प्लास्टिसिन भी विभाजित है। नागरिक अपने आवेदन की स्थिति से परिचित हो सकते हैं और उन्हें हर चरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान नहीं है, जो क्षेत्र की दूरी या समय की कमी के कारण स्थानीय लोगों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पाता है।

सरकारी सेवाओं को बदलने के लिए ग्रामीण लोगों का अनुभव

ग्राम सिरी की पूजा और किरण की कहानी डिजिटल सुशासन के उस सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है, जिसमें तकनीक का उपयोग केवल व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने के लिए किया जा रहा है।

ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए समय की बचत का अर्थ केवल सुविधा नहीं है, बल्कि उनके आजीविका के काम, रोजगार और परिवार के लिए अतिरिक्त समय भी उपलब्ध है। एक प्रमाण पत्र के लिए पूरे दिन कार्यालय आने-जाने में खर्च करने के बजाय नागरिक अब डिजिटल माध्यम से अपने कार्य को अधिक सरलता से पूरा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री की सुशासन की सोच का असर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासन-प्रशासन को अधिक सरल, बंधन, संदेश, संविधान और नागरिक-निर्देशक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘सेवा सेतु’ जैसी डिजिटल पहल, इसी सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पूजा और किरण को घर बैठे मिलाए साक्ष्य प्रमाण पत्र इस बात का उदाहरण है कि जब तकनीक को जनसुविधा से जोड़ा जाता है, तो धार्मिक सेवाओं का स्वरूप बदल जाता है। अब नागरिकों के लिए सरकारी सेवा तक पहुंच का अर्थ केवल कार्यालय की खिड़की तक नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यम से अपने घर से ही सेवा प्राप्त करना भी है।

पूजा और किरण ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव से कहा कि ऐसी डिजिटल सेवाएं ग्रामीण नागरिकों के समय, श्रम और भारी खर्च से बच रही हैं। उनके लिए यह एकमात्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सुविधा नहीं है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच आसान एवं भरोसेमंद संपर्क का अनुभव है।

एक क्लिक से आवेदन, प्रक्रिया में स्थापना और समय पर सेवा-‘सेवा सेतु’ डिजिटल सुशासन को जनसुविधा में लगाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। ग्राम सिरी की पूजा और किरण की कहानी इसी तरह के बदलाव की ज़मीनी चित्र प्रस्तुत करती है।