कांकेर – सुप्रीम कोर्ट की ‘मीडियाएशन एवं कॉन्सिलेक्शन प्रोजेक्ट कमेटी ( एमसीपीसी ) के निर्देशन में 01 अगस्त, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक पूरे देश में मेडिएशन फॉर डी नेशन 3.0 अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालय में सामुहिक सहमति से उपयुक्त, सरल एवं साक्षत्कार पूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
मिडीकेशन ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्ष प्रशिक्षण मध्यस्थ की सहायता से अपनी सहमति से विवाद का समाधान करना शामिल है। इससे कोर्ट के लंबे समय तक, अत्यधिक खर्च और मानसिक तनाव से राहत मिलती है और यहां तक कि तटस्थ संबंध भी बने रहते हैं। अभियान के अंतर्गत पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, चेक बाउंस, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, व्यावसायिक विवाद सहित अन्य संबंधित नामा ऑब्जेक्टिव और प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकारी द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनका कोई मामला न्यायालय में है या ऐसा विवाद है जिस पर सहमति से सहमति जा सकती है, तो वे इस अभियान का लाभ दावा करते हैं। इच्छा पक्षकार अपने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तालुका सेवा समिति या केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग चिकित्सा की प्रक्रिया को स्वीकार कर सकें और इसका लाभ लेकर अपनी जिद का समाधान कर सकें।
