युवाओं को नशे से दूर स्वस्थ्य एवं दलित समाज का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: नामांकित  अविनाश मिश्रा

एक सप्ताह का विशेष नशामुक्ति अभियान, स्कूल-कॉलेजों से लेकर सामाजिक सहभागिता की सक्रिय भागीदारी

“विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा” अभियान के तहत जिलों में 100 सप्ताह तक लगातार चलेंगे जनजागरूकता कार्यक्रम

धमतरी – कलेक्टर  अविनाश मिश्रा ने आज जिले में नशामुक्ति अभियान के प्रभावी संचालन एवं जनभागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक की। बैठक में जिला युवा पदाधिकारी श्रीमती श्रुति डोंगरे, समाज कल्याण विभाग, आयुष विभाग के पदाधिकारी, विभिन्न स्वयंसेवी एवं सामाजिक समाज के प्रतिनिधि सहित संबंधित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हम अधिक से अधिक बच्चों एवं किशोरों तक सकारात्मक संदेश में सफल होंगे, तो धमतरी को एक स्वस्थ, सशक्त एवं नशामुक्त जिला बनाने का लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी विचारधारा से इस जनअभियान में सक्रिय भागीदारी की मांग की।

डॉक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी “नशामुक्त भारत” के लिए राज्य के जिलों में एक सप्ताह का विशेष नशामुक्ति अभियान चलाएंगे। अभियान के तहत प्रत्येक समाज एवं संस्था अपने स्तर पर सात दिव्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने बताया कि आर्ट ऑफ़ लिविंग में विभिन्न सामाजिक विद्वानों द्वारा व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, योग, ध्यान और सकारात्मक रसायन विज्ञान पर आधारित रचनात्मक संगठन का आयोजन किया जाएगा। कबीर समाज मैग्लोड एवं बोरई क्षेत्र में जा रहे जनजागरूकता श्रमिकों की नियुक्ति करते हुए उन्होंने अन्य सहयोगियों से भी ऐसे प्रयास को व्यापक बनाने का अनुरोध किया।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि “विकसित भारत के लिए नशामुक्त युवा” अभियान के अंतर्गत जिलों में आगामी 100 सप्ताह तक सतत एवं जनजागरूकता जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में ढोल, वाद्ययंत्रों, ग्राम असोसिएशन, असबाब, युवा एवं महिला असबाब, स्वयंसेवी समूह और विभिन्न सामाजिक सहयोगियों के समन्वय से नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नशामुक्ति का संदेश हर वर्ग तक पहुंचाया जा सके और यह एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर सके।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रत्येक रविवार को विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे तथा सोशल मीडिया, राष्ट्रीय माध्यमों एवं स्थानीय स्तरों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। आर्केस्ट्रा और आर्केस्ट्रा में मूर्तिकला, निबंध, भाषण, रैली, दीवार पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, प्रशिक्षण प्रशिक्षण, सेल्फ डिफेन्स, मोबाइल एडिकेशन अवेयरनेस, योग और परामर्श सत्र जैसे संविधान का आयोजन किया जाएगा। साथ ही व्यापक स्तर पर स्कूली बच्चों, पालकों और इंजीनियरों की ओर से नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता विकसित की जाएगी।

बैठक में जनआंदोलन अभियान के स्वरूप की जानकारी देते हुए प्रत्येक विकासखंड में आयोजित किए जाने वाले प्रत्येक विकास खंड में विभिन्न मध्य समन्वय स्थापित करने तथा सामाजिक प्रयासों की विस्तृत चर्चा की गई।