गरियाबंद – कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में राजस्व प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण एवं एग्री स्टैक कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।कलेक्टर ने नामांतरण, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, भू-अभिलेख दुरुस्ती, अविवादित खाता विभाजन, नक्शा बटांकन तथा किसान पंजीयन एवं एग्री स्टैक से संबंधित सभी प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी प्रकरण समय-सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए तथा प्रत्येक राजस्व निरीक्षक (आरआई) अपने क्षेत्र के लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करें।बैठक में कलेक्टर श्री उइके ने ऑटो डायवर्जन से संबंधित लंबित आवेदनों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षकों से आवश्यक प्रतिवेदन प्राप्त कर ऐसे सभी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। भू-अर्जन मामलों में कलेक्टर ने अनुविभागवार जानकारी लेते हुए कहा कि जहां भी विलंब हो रहा है, उसे समाधान करें। अतिक्रमण, बेदखली, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी निर्माण पर की जा रही कार्रवाई की भी विस्तृत जानकारी ली।कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे प्रति सप्ताह पटवारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों, किसान पंजीयन एवं एग्री स्टैक कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा कार्यों की सतत निगरानी रखते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।उन्होंने एग्री स्टैक का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों का सटीक एवं पारदर्शी डिजिटल डाटाबेस तैयार होगा तथा शासन की मंशा के अनुरूप फर्जी धान विक्रय जैसी अनियमित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगी।
इस दौरान अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे,अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर सहित जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
