बड़गांव – परलकोट की एनएच 25 परिवहन की क्षमता 25 टन वाली सड़क पर दौड़ रहे 60 टन के ‘भारी वाहन अंजाड़ी पुलिया में पड़ी दरारें
बड़गांव – लोक निर्माण विभाग द्वारा महज एक साल पहले मरमत की गई स्टेट हाईवे 25 की सड़कें अब बदहाली के आंसू बहा रही हैं। पखांजूर से केवटी जाने वाले मुख्य मार्ग की इस दुर्गति की सबसे बड़ी वजह सुरजागढ़ माइंस से चलने वाले ओवरलोड भारी वाहन हैं। इन अनियंत्रित और क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों की बेधड़क आवाजाही ने पूरी सड़क को गड्ढों में तब्दील कर दिया है, जिससे राहगीरों और बाइक सवारों की जान हर पल खतरे में बनी रहती है। नियमों और बुनियादी मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन वाहनों के कारण डामर की परतें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। लोनिवि द्वारा निर्मित इस सड़क की क्षमता 25 से 30 टन तक के भार को सहने की है, लेकिन माइंस से निकलने वाली गाड़ियों में 60 टन से भी अधिक माल लादकर दौड़ाया जा रहा है, जिससे सड़क पर जगह-जगह दो-दो फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। सड़क ही नहीं, बल्कि इस मार्ग पर बने दशकों पुराने पुल और पुलिया भी अब अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं। क्षेत्र की सबसे पुरानी अंजाड़ी पुलिया, पी.वी. 34 और पी.वी. 39 सहित कई पुल जर्जर अवस्था में हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। बता दें कि इस प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी और अन्य स्थानीय संगठनों ने पूर्व में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन भी किया था, लेकिन माइंस प्रबंधन और संबंधित विभाग की नींद अब तक नहीं खुली है और कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।
अंजाड़ी पुलिया टूटी तो कट जाएगा सैकड़ों गांवों का संपर्क: हरपाल सिंह
इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए क्रांतिकारी विचार मंच के अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि परलकोट की ‘लाइफलाइन’ मानी जाने वाली स्टेट हाईवे 25 की स्थिति पहले से ही खराब है और इस पर अब सुरजागढ़ माइंस के भारी वाहनों के चलने से सड़कें पूरी तरह उखड़ रही हैं। मार्ग की कई पुलिया भी काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। सड़क और पुलिया की क्षमता से कई गुना अधिक वजन वाले वाहनों के लगातार गुजरने से ये कभी भी धराशायी हो सकती हैं। विशेषकर पखांजूर की अंजाड़ी पुलिया में दरारें पड़ चुकी हैं, जो बेहद खतरनाक है। यदि यह पुलिया टूटती है तो सैकड़ों गांवों का संपर्क शेष दुनिया से कट जाएगा और ग्रामीण सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। उन्होंने शासन और प्रशासन से पुरजोर अपील करते हुए मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारी और ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए।
