जिला गरियाबंद में नेशनल लोक अदालत का आयोजन, 72,379 प्रकरणों का निपटारा

61,26,364 रुपये की राशि का राजस्व प्राप्त

गरियाबंद :- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा के मार्गदर्शन में शनिवार 14 मार्च 2026 को जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद में संचालित सिविल न्यायालयों, राजस्व जिला गरियाबंद के राजस्व न्यायालयों तथा राजिम और देवभोग के न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।

तालुका विधिक सेवा समिति गरियाबंद के अध्यक्ष  यशवंत वासनीकर ने बताया कि इस लोक अदालत के लिए विभिन्न खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री बी.आर. साहू की खण्डपीठ में कुल 64 लंबित एवं 1630 प्री-लिटिगेशन प्रकरण सहित कुल 1694 प्रकरण राजीनामा हेतु रखे गये थे। इनमें 16 लंबित मामलों का निराकरण करते हुए 16,81,000 रुपये का एवार्ड पारित किया गया तथा 84 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए 7,59,756 रुपये की राशि का एवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 100 प्रकरणों का निराकरण कर 24,40,756 रुपये की राशि का एवार्ड पारित किया गया।

इसी प्रकार व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कु. खुशबू जैन की खण्डपीठ में प्री-लिटिगेशन, लंबित एवं समरी सहित कुल 1556 प्रकरण रखे गये थे, जिनमें से 362 मामलों का निराकरण करते हुए 13,12,717 रुपये की राशि अदा करायी गयी। देवभोग में न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी श्रीमती कांची अग्रवाल की खण्डपीठ में कुल 1393 प्रकरण रखे गये थे, जिनमें से 1392 मामलों का निराकरण करते हुए 8,30,891 रुपये की राशि अदा कराई गई.