खेल मैदान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला है – डॉ.अर्चना यादव।

केशरी बीएड कॉलेज खोखरा में अंतर महाविद्यालयीन क्रिकेट प्रतियोगिता का प्रेरक आयोजन

खेल, अनुशासन और एकता का अद्भुत संगम

जांजगीर – शिक्षा के साथ-साथ खेलों के क्षेत्र में भी निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर केशरी शिक्षण समिति, खोखरा (जांजगीर) ने आज अंतर-महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य एवं अनुकरणीय आयोजन कर एक नई प्रेरणा प्रस्तुत की। यह रोमांचक प्रतियोगिता केशरी शिक्षण समिति, खोखरा तथा ज्ञानोदय कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जांजगीर के मध्य खेली गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अनुशासन, परिश्रम, आत्मविश्वास और खेल भावना का सराहनीय परिचय दिया।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना यादव की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती चंचला मिश्रा, प्राचार्या ज्ञानोदय कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जांजगीर तथा रितेश पटेल, प्राचार्य केशरी फार्मेसी कॉलेज, जांजगीर उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केशरी शिक्षण समिति, खोखरा की प्राचार्या डॉ. रेखा तिवारी ने की। उनके साथ महाविद्यालय के समर्पित प्राध्यापकगणश्रीमती स्वाति कश्यप, जितेंद्र तिवारी,अमित उपाध्याय ,श्रीमती आशा तिवारी एवं सुश्री राखी पाण्डेय, मनोज यादव, कृष्णा सर, तरुणा यादव साहित्य ज्ञानोदय एवं केसरी के समस्त स्टाफ का सहयोगी रूप में उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर स्वाति कश्यप के द्वारा मंच संचालन कर स्वागत एवं प्रोत्साहन उद्बोधन के लिए सभी अतिथियों को आमंत्रित किया गया ।जिसमेंअध्यक्षीय संबोधन में डॉ. रेखा तिवारी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का विकास नहीं करता, बल्कि आत्मअनुशासन, नेतृत्व, सहयोग और संघर्षशीलता जैसे जीवनमूल्यों को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से सक्षम बनाते हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. अर्चना यादव ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि खेल मैदान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण की प्रयोगशाला होता है, जहाँ हार-जीत से ऊपर उठकर धैर्य, आत्मबल और परस्पर सम्मान सीखने को मिलता है। विशिष्ट अतिथियों श्रीमती चंचला मिश्रा एवं श्री रितेश पटेल ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच ही सफलता की सच्ची कुंजी है।

मैच प्रारंभ होने से पूर्व दोनों टीमों के कप्तानों ने अपने-अपने खिलाड़ियों का परिचय कराया। तत्पश्चात टॉस हुआ, जिसे केशरी शिक्षण समिति, खोखरा की टीम ने जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। खेल के सभी नियम स्पष्ट रूप से बताए जाने के पश्चात प्रतियोगिता आरंभ हुई।

केशरी टीम की शुरुआत अत्यंत प्रभावशाली रही। खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास से परिपूर्ण आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए चौकों और छक्कों की शानदार शृंखला प्रस्तुत की। निर्धारित 10 ओवरों में केशरी टीम ने 153 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ज्ञानोदय कॉलेज की टीम ने भी भरसक प्रयास किया, किंतु केशरी टीम की सशक्त गेंदबाजी और चुस्त क्षेत्ररक्षण के सामने वे 60 रन ही बना सकी। इस प्रकार केशरी शिक्षण समिति, खोखरा ने यह मुकाबला शानदार ढंग से अपने नाम कर लिया।इस पूरे मुकाबले में दोनों ही टीमों के सभी खिलाड़ियों का प्रदर्शन अप्रतिम रहा, जिसने प्रतियोगिता को अत्यंत रोमांचक और प्रेरणादायी बना दिया।

मैच के दौरान तन्वी, नितेश, हिमानी एवं ओमप्रकाश द्वारा की गई जीवंत और सटीक कमेंट्री ने पूरे वातावरण को और अधिक ऊर्जावान तथा आनंददायक बना दिया। खेल समाप्ति के पश्चात दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना का उत्कृष्ट परिचय देते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाया।

पुरस्कार वितरण समारोह में दोनों महाविद्यालयों के संचालक डॉ. सुरेश यादव की विशेष उपस्थिति रही। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं तथा ऐसे आयोजनों से स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव पड़ती है। पुरस्कार वितरण में शानदार बल्लेबाजी के लिए मुकेश को मैन ऑफ द मैच का सम्मान प्रदान किया गया, वहीं सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का पुरस्कार टीम कप्तान रविकांत को दिया गया। उपविजेता टीम ज्ञानोदय कॉलेज ऑफ एजुकेशन को भी सम्मानित किया गया। अंत में केशरी शिक्षण समिति, खोखरा को विजेता शील्ड एवं सम्मान प्रदान किया गया।

इस प्रकार अनुशासन, समर्पण और खेल भावना से ओत-प्रोत यह अंतर-महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह आयोजन न केवल खेल क्षेत्र में, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी अध्याय बनकर स्मरणीय रहेगा।