सियासी नज़र – मुक्तिधाम जीर्णोद्धार को लेकर अखबारी सुर्खियों में हीरो बने कांग्रेसी पालिका उपाध्यक्ष – निजी कंपनी से जीर्णोद्धार चर्चा का विषय 

सरकारी फण्ड को छोड़कर निजी कंपनी के फण्ड से जीर्णोद्धार ने गरमाई राजनीति .

भाजपाई पालिकाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच दिख रही अनबन.

किरंदुल — छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगर पालिका परिषद में सुमार किरंदुल नगर पालिका अपने स्थापना के समय से ही प्रिंट मीडिया के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की हेड लाइन में बनी रहती है ।किरंदुल नगर में इन दिनों किरंदुल नगर पालिका परिषद के कांग्रेसी पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी प्रिंट मीडिया के साथ साथ यू ट्यूब चैनलो की हेड लाइन में बने हुए हैं कि किरंदुल के मुक्ति धाम का ऐतिहासिक जीर्णोद्धार शुरू -पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी की पहल रंग लाई -आर्सेलर मित्तल निप्पन एंड स्टील कंपनी बनी सहारा जैसी हेड लाइन को लेकर किरंदुल पालिका उपाध्यक्ष इन दिनों किरंदुल में राजनैतिक दृष्टि से हीरो बने हुए हैं । परंतु सियासी नज़र के अनुसार किरंदुल नगर में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने किरंदुल के मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार के मामले को लेकर नगर की राजनैतिक फिजा को गरमा दिया है ।सियासी नज़र के अनुसार अगर किरंदुल के कांग्रेस पार्टी की ओर से पालिका उपाध्यक्ष के पद पर काबिज पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी के पत्र पर एक्सन लेते हुए किरंदुल नगर के समीप स्थित निजी कंपनी आर्सेलर मित्तल के द्वारा किरंदुल के एकमात्र मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार प्रारंभ किया गया है। सियासी नज़र के अनुसार अगर किरंदुल नगर के पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी के द्वारा निजी कंपनी के द्वारा मुक्तिधाम का जीर्णोद्धार किया जा रहा है तो क्या मुक्ति धाम का जीर्णोद्धार पालिका के फण्ड से क्यों नहीं करवा गया ।इससे एक बात राजनेतिक फिजा में इसलिए चर्चा का विषय बनी हुई है कि कहीं न कहीं पालिकाध्यक्ष और पालिका उपाध्यक्ष के बीच अनबन के संकेत दिख रहे हैं क्योंकि अगर पालिका उपाध्यक्ष चाहते तो पालिका यानी सरकारी फण्ड से जीर्णोद्धार किया जा सकता था तो पालिका उपाध्यक्ष को निजी कंपनी का सहारा लेने की क्या जरूरत पड़ी ।