कांकेर जिले में महापरीक्षा अभियान 9765 नवसाक्षरों ने दी परीक्षा।

उल्लास नवभारत संगीत कार्यक्रम में 90 प्रतिशत असाक्षर शामिल हुए।

 कांकेर – रजिस्ट्रार अध्यक्ष निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उल्लास नवभारत संगीत कार्यक्रम कार्यक्रम जारी है। इसके तहत रविवार 07 दिसंबर को जिले में महापरीक्षा अभियान आयोजित किया गया, जिसके लिए 426 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए, जहां महिला नवसाक्षर 6216 और पुरुष नवसाक्षर 3549 कुल 9765 नवसाक्षर ने परीक्षा दी। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के अाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए 2027 तक शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिलों के सातों विकासखंडों की प्राथमिक शालाओं और माध्यमिक शालाओं का परीक्षण केंद्र बनाया गया।इस बार परीक्षा में अलग-अलग दृश्य देखने को मिले जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने एक साथ परीक्षा दी। वृद्धावस्था महिला एवं पुरुष शिक्षार्थियों ने भी साक्षर होने के लिए वृद्धि-चढ़ाकर परीक्षा दी। इसी क्रम में विधानसभा कांकेर के सहयोगी  आशाराम नेता द्वारा अन्नपूर्णापारा के प्राथमिक शाला परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया गया। साथ ही प्राथमिक शाला बगोदर के परीक्षा केंद्र का निरीक्षण जिला शिक्षा पदाधिकारी  राकेश निषाद ने भी किया। जिले के 4 विकासखंडों में क्रमशः केंद्र शाला माध्यमिक शाला बेवरती, माध्यमिक शाला पटौद, प्राथमिक शाला कार्प, प्राथमिक शाला सरायटोला, माध्यमिक शाला कार्प, माध्यमिक शाला सारंगपाल, माध्यमिक शाला मतवावे मोदी, प्राथमिक शाला तेलगरा, प्राथमिक शाला हिंगझार का निरीक्षण विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके अलावा विकासखंड भानु प्रतापपुर में भी विशेष रूप से 34 अस्त्र-शस्त्रों के साक्षर बनने के लिए मुल्ला में परीक्षा दी गई। निरीक्षण के दौरान सभी निरीक्षणों में सभी का निरीक्षण किया गया। इसी प्रकार जिले में लक्ष्य के अनुसार 9765 नवसाक्षरों ने परीक्षा में शामिल हुए, जहां नवसाक्षरों की उपस्थिति 90 प्रतिशत रही।