सुदूरवर्ती माओवादी क्षेत्र से प्रभावित पुल निर्माण से विकास की समीक्षा हुई दुगनी।
उत्तर कांकेर – आकांक्षी जिला कांकेर में पिछले तीन वर्षों में सेतुओं के तेजी से बढ़ते निर्माण ने जिलों के सुदूरवर्ती इलाकों में आम लोगों के विकास और समृद्धि की दिशा में सेतु निर्माण का कार्य किया है। इससे संबंधित सुदूरवर्ती माओवादी प्रभावित इलाकों में पुल के बन जाने से विकास की समीक्षा दुगनी होगी। पिछले तीन वर्षों में 20 कार्य लागत रु. 101.16 करोड़ के सेतु निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, जिस जिले के लगभग 160 गांवों के 80 हजार से अधिक आबादी वाले संपर्क मार्ग ब्लॉक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से हो गए हैं। इन पुल-पुलियों के निर्माण से क्षेत्रवासियों तक उच्च शिक्षा, व्यापार, पर्यटन उद्योग, सामाजिक सांस्कृतिक संपर्क, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और शासन की मंजूरी तक पहुंच आसान हो गई है। माओवाद के साथ जिले में सिक्किम के श्रमिकों की संख्या तेजी से बढ़ी है और प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है।
कुछ क्षेत्र माओवाद से प्रभावित होने के कारण मिचगांव से कोडेकुर्से मार्ग के कि.मी. 16/2 कोटरी नदी पर 9.35 करोड़ की लागत से एवं आतुरबेड़ा बफ़ेलोगांव निबरा मार्ग के कि.मी. 4/2 में ढड़की नदी पर 9.57 करोड़ की लागत से महत्वपूर्ण हाई एस्टेट पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कार्यपालन आर्किटेक्ट सेतु निर्माण ने बताया कि जिले में लगभग 60 करोड़ की लागत से 12 वृहद पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसी तरह 30 करोड़ की कुल लागत के 5 वृहद सेतु कार्य निविदा स्तर पर हैं, जो जल्दी ही शुरू हो जाएंगे, जिससे 136 ग्राम की 68 हजार से अधिक आबादी होगी। इनराट प्रोन्नति कार्यकलाप जिले का अतिरिक्त सुदूरवर्ती छोटा आँचल, कोटारी नदी पर 19 करोड़ रू., कोयलीबेड़ा-दुता मार्ग पर ढाँचा नदी पर 10.28 करोड़ रूपये की लागत से महत्वपूर्ण वृहद पुल संरचना है तथा सोनपुर-मरोदा मार्ग (बेचाघाट) पर पुल निर्माण कार्य शासन द्वारा अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि इन पुलों के पूर्ण हो जाने से माओवाद प्रभावित माओवादी क्षेत्र का सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। उक्त पुल संयुक्त राष्ट्र संघ एवं क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
जिले में नहरपुर विकासखंड के अंतिम छोर को जोड़ने के लिए बांसपत्तार-तिरियारपानी मार्ग पर 05 नाग विहार वृहद पुलों में से 01 पुल का कार्य पूरा हो चुका है। शेष चार कार्य आगामी मार्च 2026 तक पूर्ण कर लें। जिले के इसी तरह के फ्लाईओवर क्षेत्र में लैंडारा से थीम मार्ग पर 02 नगर वृहद पुलों का निर्माण किया गया है। इन नवीनीकरण पर वृहद पुल निर्माण से कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी-बृहदराजपुर विकासखंड से सीधा संपर्क हो गया है, जिससे विकास की दौड़ में डुबामा सा रह गया है इस क्षेत्र का भी तेजी से विकास हो रहा है।
इस प्रकार के जिलों के ग्रामों और ग्रामवासियों के कोने-कोने से राजकीयकृत, राष्ट्रीय राजमार्ग, ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से सुदृढ़ संपर्क स्थापित हो सके, इस लक्ष्य को दृष्टिगत रखने के लिए शासन द्वारा बजट में लगभग 250 करोड़ रु. 36 नवीन सेतु निर्माण कार्य के प्रस्ताव में शामिल हैं, एंटरप्राइज़ एक्सचेंज की कार्यवाही प्रक्रियाधीन। इसके अलावा आगामी बजट में 25 नए सेतु कार्य आर्किटेक्चर की लागत 154 करोड़ रु. इस प्रस्ताव में शासन व्यवस्था पर सवाल उठाया जा रहा है। इन पुलों का निर्माण हो, जिले के कोने-कोने से जिला मुख्यालय एवं राजधानी के लोगों को बड़ी सुविधा मिल सके।
जिले में पुल निर्माण कार्य पर एक नजर-
निर्मित पुल
ऽ जिले में तीन साल में 101.16 करोड़ की लागत सेतु निर्माण के 20 कार्य पूर्ण।
ऽ माओवाद प्रभावित क्षेत्र कोटरी नदी पर मिचगांव-कोडेकुर्से मार्ग पर 9.35 करोड़ कुल लागत।
आतुरबेड़ा-भैंसगांव-निब्रा मार्ग पर मेढकी नदी पर 9.57 करोड़ की लागत से उच्च गुणवत्ता वाला पुल बनाया गया।
ऽ नरहरपुर के बांसपट्टर-तिरियारपानी मार्ग पर 05 से एक पुल का निर्माण पूरा।
ऽ लैंडारा-थीमा मार्ग पर 02 वृद्ध पुलों का निर्माण पूरा।
तृप्ति पुल
ऽ जिले में 60 करोड़ रु. की लागत से 12 वृद्ध पुलों का निर्माण प्रगति पर। इससे 136 ग्राम की 68 हजार जनसंख्या होगी।
ऽ माओवाद प्रभावित छोटेबेठिया-मरबेड़ा-सीताराम मार्ग कोटरी नदी पर 19 करोड़ रु. की लागत से पुल सिद्धांत।
ऽ कोयलीबेड़ा-दुता मार्ग पर मेढकी नदी पर 10.28 करोड़ रु. की लागत से पुल सिद्धांत।
ऽ सोनपुर-मरोड़ा (बेचाघाट) मार्ग पर पुल निर्माण लागत 15.90 करोड़ रु. शासन से प्रशासन का प्रस्ताव अंतिम चरण पर।
